निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित होने वाले हैं। एग्जिट पोल के 'हाड्डा-हाड्डी' (कांटे की टक्कर) मुकाबले के बीच, राज्य भर में राजनीतिक उत्साह अपने चरम पर है। जीत के जश्न को मीठा बनाने के लिए कोलकाता से लेकर मालदह तक के मिठाई बाजारों में तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। इस बार केवल पारंपरिक संदेश ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में लड्डू और रसगुल्लों के ऑर्डर दिए जा रहे हैं।
कोलकाता के प्रसिद्ध मिष्ठान्न विक्रेता 'नलीन चंद्र दास एंड सन्स' के तपन दास ने बताया कि इस बार उनके महानगर स्थित मुख्यालय सहित सभी 8 शाखाओं में चुनावी हलचल साफ देखी जा रही है। उन्होंने कहा, "जहाँ एक ओर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतीकों (जैसे तृणमूल का जोड़ा फूल या भाजपा का कमल) वाले विशेष 'चुनावी संदेश' की भारी मांग है, वहीं उसी अनुपात में लड्डूओं के भी बड़े ऑर्डर मिले हैं। मिठाइयां खुशियों की प्रतीक हैं, इसलिए हम भी पूरे उल्लास के साथ समय पर डिलीवरी देने की कोशिश में जुटे हैं।" उनके अनुसार, प्रत्येक ब्रांच में 2 हजार से अधिक संदेश, रसगुल्ले और लड्डूओं के एडवांस ऑर्डर मिल चुके हैं।
कोलकाता के ही 'बलराम मल्लिक और राधारमण मल्लिक' जैसे दिग्गज व्यवसायी भी मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कारीगरों के साथ काम कर रहे हैं। मिठाई उद्योग के विशेषज्ञ धीमान दास ने इस उत्साह पर अपनी राय रखते हुए कहा, "जीत किसी भी दल की हो, लेकिन हमारी मिठाइयां सभी के लिए एकता की प्रतीक बनती हैं। मतगणना का दिन हमारे उद्योग के लिए काफी मुनाफे वाला साबित होने वाला है।"
केवल कोलकाता ही नहीं, बल्कि मालदह और गोजोल जैसे जिलों में भी मिष्ठान्न व्यवसायी तैयारियों में पीछे नहीं हैं। मालदह के पुराने शहर और गोजोल के 512 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित दुकानों में लड्डूओं का स्टॉक पांच गुना तक बढ़ाया जा रहा है। आम दिनों में जहां 500 से 1000 लड्डू बिकते थे, वहां परिणाम के दिन के लिए 5 हजार से अधिक लड्डू तैयार रखे जा रहे हैं।
पुरातन मालदह के व्यवसायी अखिल हालदार और गोजोल के डालिम सरकार ने बताया कि हालांकि कारीगरों की कमी के कारण वे हर दल के रंगों वाली मिठाई नहीं बना पा रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की पसंद के रसगुल्ले और लड्डू पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगे। छैना और अन्य कच्चे माल का भंडारण कर लिया गया है ताकि परिणाम आने के साथ ही तुरंत मांग पूरी की जा सके।