निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : लगातार बारिश के कारण जलजमाव से जूझ रहे हावड़ा शहर में नगर निगम ने राहत और जलनिकासी का काम तेज कर दिया है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी निगम के इंजीनियरों और सफाईकर्मियों ने विभिन्न इलाकों में दिनभर मोर्चा संभाले रखा। इंजीनियरों को कई टीमों में बांटकर जलजमाव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कराया गया और पानी निकालने के उपाय तलाशे गए। नगर निगम के वरिष्ठ इंजीनियर सफाई विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और जमा पानी की निकासी कराई। मिली जानकारी के अनुसार, अत्यधिक बारिश के कारण लिलुआ के रानी झील जैसे बड़े जलाशयों से पानी उफनकर आसपास के कई इलाकों में फैल गया। जलनिकासी तेज करने के लिए कई इलाकों में गलीपिट खोल दिए गए।
दो दिन निकासी विभाग के कर्मचारियों की छुट्टी रही रद्द
शिवपुर के काजीपाड़ा और उत्तर हावड़ा के नस्करपाड़ा रोड समेत कई स्थानों पर गलीपिट खोलकर जमा पानी को मैनहोल के रास्ते निकालने की व्यवस्था की गई। इसके अलावा हावड़ा नगर निगम क्षेत्र के पांच लॉकगेट भी खोल दिए गए हैं, जिनके जरिए जमा पानी को बाहर निकालकर गंगा में गिराया जा रहा है। जलमग्न शहर में पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए निगम ने विशेष निगरानी शुरू की है। सोमवार और मंगलवार को निकासी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर उन्हें ड्यूटी पर तैनात किया गया। वहीं, जमा पानी में करंट फैलने की आशंका को देखते हुए निगम ने सीईएससी से संपर्क कर कई सड़कों के स्ट्रीट लैंप पोस्ट की बिजली आपूर्ति बंद कराई है। निगम अधिकारियों के अनुसार शहर के कई इलाकों में पानी उतर गया है वहीं अन्य जलमग्न क्षेत्रों में भी जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। संवेदनशील इलाकों में निगम की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।