

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : वेस्ट बंगाल इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (WBIDC) बनाम टाटा मोटर्स के मामले में अवार्ड के भुगतान पर आठ सप्ताह का स्टे लगा दिया है। इसके साथ ही बहुत सारी शर्तें भी जोड़ दी है। WBIDC की तरफ से दायर मामले को खारिज करते हुए उस पर 50 हजार रुपए का कॉस्ट भी लगाया है। इसके साथ ही जमानत के तौर पर WBIDC को कोलकाता और राज्य में स्थित अचल संपत्तियों का ब्यौरा भी देना पड़ेगा। हाई कोर्ट के जस्टिस अनिरुद्ध राय ने मामले की सुनवाई के बाद फैसले को आरक्षित कर लिया था। वृहस्पतिवार को उन्होंने अपना फैसला सुनाया।
जस्टिस राय ने आदेश दिया है कि आज की तारीख तक, यानी सात मई तक, मूलधन और ब्याज की राशि की पूरी गणना करनी पड़ेगी। इसे ऑरिजिनल साइड की संतुष्टि के अधीन रखा जाएगा। आवेदक आवर्ड देनदार,यानी WBIDC, को एमडी या चेयरमैन के मार्फत बोर्ड में एक प्रस्ताव पास करना पड़ेगा। इसके बाद इसे एफिडेविट के साथ अंडरटेकिंग के रूप में दाखिल करना पड़ेगा। अवार्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए WBIDC को कोलकाता सहित राज्य की अचल संपत्तियों का ब्यौरा देना पड़ेगा। ये संपत्तियां किसी विवाद से मुक्त होनी चाहिए। इसके साथ ही टाइटल डीड भी संलग्न करना पड़ेगा। अंडरटेकिंग में यह कहना पड़ेगा कि अगर ऑर्बिट्रल अवार्ड आठ सप्ताह के अंदर प्रभावी हो जाता है तो WBIDCपूरी राशि, मूलधन एवं ब्याज सहित, आठ सप्ताह के भीतर अदा करेगा। एफिडेविट के रूप में दी जाने वाली अंडरटेकिंग में संपत्तियों के पूरे विवरण वाला एक चार्ट भी देना होगा। यह अंडरटेकिंग आदेश की तिथि से आठ सप्ताह के अंदर ऑरिजिनल साइड के रजिस्ट्रार के समक्ष दाखिल करनी पड़ेगी। इसके बाद रजिस्ट्रार एक रिपोर्ट तैयार करेंगे और उसे आवेदन की मूल फाइल के साथ सुरक्षित रखेंगे। यदि यह पाया जाता है कि सुरक्षा के रूप में दी गई अचल संपत्ति पर्याप्त नहीं है तो रजिस्ट्रार के समक्ष नकद सुरक्षा राशि जमा करनी पड़ेगी। रजिस्ट्रार इस रकम को फिक्स्ड डिपोजिट के रूप में एसबीआई के एसपीजी ब्रांच में जमा रखेंगे। अगर अंडरटेकिंग नहीं दी जाती है तो स्टे ऑटोमेटिकली समाप्त हो जाएगा। WBIDC को कॉस्ट की राशि वेस्ट बंगाल स्टेट लीगल सर्विसेस ऑथरिटी के पास जमा करनी पड़ेगी।