

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बेलडांगा मामले में विचार भवन के स्पेशल कोर्ट के जज के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में एनआईए की तरफ से अपील दायर की गई है। इसमें अभियुक्तों को जमानत दी जाने का विरोध किया गया है।जस्टिस अरिजीत बनर्जी और जस्टिस अपूर्व सिन्हा राय के डिविजन बेंच ने मंगलवार को सुनवाई की जाने का आदेश दिया है। स्पेशल कोर्ट के जज ने इस मामले के अभियुक्तों को जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश दिया है।
एनआईए की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट अरुण माइती और एडवोकेट भाष्कर प्रसाद बनर्जी ने सोमवार को इसे मेंशन करते हुए तत्काल सुनवाई की जाने की अपील की। उनकी दलील थी कि सुप्रीम कोर्ट से इन अभियुक्तों को जमानत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को हाई कोर्ट के पास भेज दिया था। उनका सवाल था कि ऐसे में स्पेशल कोर्ट उन्हें कैसे जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश दे सकता है। स्पेशल जज ने इस आधार पर जमानत दिया है कि 90 दिनों की स्टेचुटरी अवधि बीत जाने के बावजूद एनआईए इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पायी है। स्पेशल जज ने आदेश देते हुए कहा है कि इस अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की वैधानिक बाध्यता है। स्पेशल जज ने अपने आदेश में कहा है कि यूएपीए के प्रावधानों को स्पष्ट किए बगैर हिरासत की अवधि नहीं बढ़ाई ज सकती है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच से तेजी से इस मामले की सुनवाई की जाने की अपील की जाएगी। इसके साथ ही 90 दिनों की स्टेचुटरी अवधि को बढ़ा कर 180 दिन की जाने की अपील की जाएगी। यहां गौरतलब है कि बेलडांगा के एक प्रवासी मजदूर की झारखंड की मौत के बाद बेलडांगा में हिंसा का दौर दो दिनों तक चलता रहा था। हाई कोर्ट ने इसकी जांच एनआईए को सौंपी है।