

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अभया के माता पिता की तरफ से दायर मामले में राज्य सरकार की तरफ से मंगलवार को एफिडेविट दाखिल किया गया। अभया के माता पिता ने सीबीआई जांच की नीति और गति पर सवाल उठाते हुए हाई कोर्ट में रिट दायर की है। एक पार्टी होने के कारण राज्य सरकार की तरफ से एफिडेविट दाखिल करना पड़ा। जस्टिस तीर्थंकर घोष ने पीटिशनर को जवाबी एफिडेविट दाखिल करने का आदेश देते हुए कहा कि अगली सुनवायी 27 अगस्त को होगी।
पीटिशनरों की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट फिरोज इदुलजी ने बताया कि यह मामला सीबीआई बनाम अभया के माता पिता का है, पर राज्य सरकार को पार्टी होने के कारण एफिडेविट दाखिल करना पड़ा है। राज्य सरकार की तरफ से दाखिल एफिडेविट में कहा गया है कि इस पीटिशन की इसके मौजूदा स्वरूप में कोई ग्रहणयोग्यता नहीं है। एडवोकेट इदुलजी ने जस्टिस घोष से कुछ विशेषज्ञों के साथ सेमिनार रूम को छोड़ कर घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र का मुआयना करने के लिए अनुमति मांगी थी। जस्टिस घोष ने आदेश दिया था कि इसके लिए सियालदह कोर्ट के एसीजेएम से अनुमति ली जाए। एसीजेएम ने इस आवेदन को खारिज कर दिया है। अगली सुनवायी में यह मुद्दा जस्टिस घोष के समक्ष उठाया जाएगा। यहां गौरतलब है कि सीबीआई को इसकी जांच पिछले साल 13 अगस्त को सौंपी गई थी। सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल करके संजय राय को अभियुक्त करार दिया और उसे सजा भी हो गई। अभया के माता पिता इससे सहमत नहीं है। उनका मानना है कि संजय के साथ ही इस मामले में और लोग भी शामिल हैं। इसी का हवाला देते हुए हाई कोर्ट में रिट दायर की गई है। उनके पास बहुत सारे सवाल हैं। हाई कोर्ट में अगली सुनवायी में इन्हीं पर फैसला होना है।