बाल और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ सरकार का सख्त रूख

बाल और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ सरकार का सख्त रूख
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बाल और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी। शनिवार को राज्य सरकार के श्रम विभाग की तरफ से राज्य स्तर पर मल्टी स्टेक होल्डर और ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल एवं बंधुआ मजदूरी के मामले में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था। श्रम विभाग की सचिव रचना भगत ने कहा कि शोषण के खिलाफ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर शिकायत के मामले में संवेदनशील तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ितों के संरक्षण पुनर्वास जवाबदेही और प्रभावी कानूनी कार्रवाई पर जोर दिया गया। हाई कोर्ट की जज और जुवेनाइल जस्टिस कमेटी की चेयरपर्सन जस्टिस शंपा सरकार ने बंधुआ मजदूरी को मानव गरिमा और स्वतंत्रता के खिलाफ गंभीर हिंसा बताया। उन्होंने कहा की कार्रवाई केवल मजदूरों के बचाव तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि रोकथाम सुरक्षा बचाव और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी। कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के नवजीवन डेटा पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई। पोर्टल के माध्यम से बाल व बंधुआ मजदूरी के मामलों की रिपोर्टिंग ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम में सभी 23 जिलों के पुलिस और श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

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