

पणजीः दिसंबर में एक प्रसिद्ध नाइट क्लब में भयानक अग्निकांड को, जिसमें जलकर 25 लोगों की मौत हो गई थी, भूलकर नववर्ष का जश्न मनाने में डूबा रहा गोवा। यहां के समुद्र तटों पर खुशनुमा माहौल देखने को मिला। आतिशबाजी, संगीत और पार्टियों के बीच हजारों की संख्या में लोग समुद्र तटों पर उमड़ पड़े, जबकि उत्तरी गोवा के प्रमुख तटीय इलाकों में भारी यातायात जाम की स्थिति बनी रही।
कलंगुट, सिंक्वरीम, बागा, वागातोर, अरम्बोल और केरीम समेत लोकप्रिय समुद्र तटों पर बड़ी संख्या में लोग जुटे, जहां समुद्र किनारे बने ‘शैक’, ‘नाइटस्पॉट’ और खुले स्थलों पर देर रात तक जश्न जारी रहा। आधी रात होते ही तटीय इलाकों के ऊपर आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। लोग तालियां बजाते, एक-दूसरे को गले लगाते और शुभकामनाएं देते हुए संगीत और समुद्र की लहरों की आवाज के बीच नए साल का स्वागत करते नजर आए।
गोवा में उमड़े देश-विदेश के पर्यटक
पुलिस के अनुसार, प्रमुख समुद्र तटीय इलाकों की ओर वाहनों की आवाजाही कई घंटों तक धीमी बनी रही। उत्सव स्थलों की ओर जाने वाले और आधी रात के बाद लौटने वाले पर्यटकों के वाहनों और दोपहिया वाहनों से सड़कें खचाखच भरी रहीं।स्थानीय प्रशासन ने आयोजन स्थलों पर भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य के लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि आने वाला साल सभी गोवावासियों के लिए शांति, समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और खुशहाली लेकर आए। उन्होंने गोवावासियों से ‘स्वयंपूर्ण गोवा’ मिशन में सक्रिय भागीदारी करने और अधिक आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने लोगों से गोवा की धार्मिक सद्भाव, आपसी सम्मान और सामूहिक कल्याण की समृद्ध परंपरा को बनाए रखने की भी अपील की।