

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने समर्थक विधायकों को पश्चिम बंगाल विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के हर राजनीतिक हमले का तथ्यों और तर्कों के साथ मजबूती से जवाब देने का निर्देश दिया है। गुरुवार शाम कालीघाट स्थित अपने आवास पर हुई रणनीतिक बैठक में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि संख्या बल कम होने के बावजूद विपक्ष की भूमिका कमजोर नहीं पड़नी चाहिए और सदन में सरकार के प्रत्येक आरोप का प्रभावी ढंग से प्रतिवाद किया जाना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा पार्टी की आगामी संगठनात्मक रणनीति, विधानसभा के भीतर विपक्ष की भूमिका और राजनीतिक गतिविधियों की समीक्षा था। हालांकि, चर्चा का बड़ा हिस्सा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा विधानसभा में हाल के दिनों में किए गए तीखे राजनीतिक हमलों पर केंद्रित रहा। बताया गया कि ममता बनर्जी ने इस बात पर असंतोष जताया कि बुधवार को सदन में मुख्यमंत्री द्वारा उन पर और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर की गई टिप्पणियों के दौरान तृणमूल समर्थक विधायक अपेक्षित आक्रामकता के साथ विरोध दर्ज नहीं करा सके।
बैठक में ममता बनर्जी ने विधायकों से कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी केवल विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि तथ्यों, दस्तावेजों और जनहित के मुद्दों के आधार पर सरकार को घेरना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी विधायकों से सदन की कार्यवाही के लिए बेहतर तैयारी करने, सरकार के बयानों का तत्काल और प्रभावी जवाब देने तथा जनता से जुड़े मुद्दों को अधिक मजबूती से उठाने का आह्वान किया।
सूत्रों का कहना है कि बैठक में विधानसभा के आगामी सत्र की रणनीति, विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों और सरकार को घेरने की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने विधायकों से संगठन और विधानसभा के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा प्रत्येक राजनीतिक मुद्दे पर एकजुट होकर पार्टी का पक्ष रखने पर जोर दिया।
बैठक में वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय, अलीफा अहमद, कुणाल घोष, अब्दुल रहीम बक्सी, पुलक राय और मोशारफ हुसैन सहित कई विधायक उपस्थित रहे। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में विधानसभा के भीतर विपक्ष की रणनीति को और धारदार बनाने के लिए इस तरह की बैठकों का सिलसिला जारी रह सकता है।