भाटपाड़ा गंगा स्नान के दौरान 4 डूब गये

डूबने वालों में दो सगे भाई भी शामिल,NDRF की अब तक की तलाश बेनतीजा, इलाके में मातक
Four drowned while bathing in the Ganga in Bhatpara
डूबने वालों की तलाश में जुटी डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम
Published on

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

भाटपाड़ा: मंगलवार की शाम को दोल को लेकर रंग खेलने के बाद गंगा स्नान की परंपरा का निर्वहन करने गए चार लोग काल के गाल में समा गए। भाटपाड़ा के बलराम सरकार गंगा घाट पर हुए इस हादसे के 16 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। एनडीआरएफ (NDRF) और गोताखोरों की टीमें लहरों को चीरकर अपनों की तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। हालांकि लगातार पुलिस द्वारा इसका प्रयास किया जा रहा है।

डूबते दोस्तों को बचाने की कोशिश में गया चौथा जीवन

मिली जानकारी के अनुसार, भाटपाड़ा नगरपालिका के वार्ड संख्या 34 स्थित मादराल गवर्नमेंट कॉलोनी के निवासी दो सगे भाई, सैकत नंदी (32) और सौरव नंदी (27), अपनी सहेली दीपशिखा दास रजक (20) जो कि कोलकाता की निवासी है, के साथ गंगा में उतरे थे। स्नान के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण तीनों गहरे पानी में जाने लगे। घाट के किनारे बैठे सौरव सरकार (22) ने जब उन्हें डूबते देखा, तो मानवता का परिचय देते हुए उन्हें बचाने के लिए उफनती गंगा में छलांग लगा दी। हालांकि दूसरों को बचाने निकला वह सौरभ भी तेज लहरों का मुकाबला नहीं कर सका और देखते ही देखते चारों नदी में विलीन हो गए।

प्रशासनिक सतर्कता पर विधायक ने उठाये सवाल

हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव और शोक का माहौल है। घटना की सूचना पाकर भाटपाड़ा थाने की विशाल पुलिस वाहिनी और बचाव दल मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ की टीमें स्पीड-बोट के जरिए नदी के विभिन्न कोनों को खंगाल रही हैं। इस बीच, स्थानीय विधायक पवन सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और पुलिस व प्रशासन की मुस्तैदी पर उन्होंने सवाल खड़े किये। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय, जब बड़ी संख्या में लोग घाटों पर जुटते हैं, वहां पर्याप्त पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीम तैनात होनी चाहिए थी। दूसरी ओर घटनास्थल पर पहुंचे सीआइसी अमित गुप्ता ने कहा यह दुर्घटना दुःखद है। प्रशासन काम कर रहा है हालांकि मृत्यु पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। हम परिवार के साथ हैं।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in