

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : दुर्गापूजा की तैयारियों में राज्य सरकार की इमरजेंसी सेवा से जुड़े विभागों ने कमर कस ली है। दमकल विभाग 19 सितंबर से बड़े पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा के उपायों की तैयारियाें का जायजा लेगा। दमकल विभाग के मंत्री सुजीत बाेस ने मंगलवार को पूजा की तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। उन्होंने कहा कि पूजा कमेटियां पूरे नियमों को मानते हुए चलें। फायर सेफ्टी का विशेष ख्याल रखें। आग की घटना कहीं ना घटे, इसकी कामना करता हूं लेकिन कमेटियों को पूरा नियम मानना होगा। बड़े पूजा पंडालों में एंट्री एग्जिट का विशेष ध्यान देना होगा। पुलिस इसे लेकर निर्देश देती है। अगर पंडाल में एंट्री 10 फुट है तो एग्जिट 12 फुट का होना जरूरी हाेता है। हालांकि जगहों पर निर्भर करता है। यह ध्यान रखना होगा कि अगर कहीं आग लगती है तो उसे बुझाने के लिए सभी जरूरी उपाय हो। मंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान आग लगने की संभावनाओं को देखते हुए पूरे राज्य में 26 सितंबर से 3 अक्टूबर तक 97 अस्थायी अग्निशमन केंद्र बनाए जाएंगे। यहां सभी उच्चतम यंत्र होंगे। कोलकाता और उपनगरों में 25 बड़े पंडालों में कियोक्स बनाये जायेंगे जहां विभाग की योजनाओं और आग पर सतर्कता के बारे में बताया जाएगा। अग्निशमन विभाग के महानिदेशक के नेतृत्व में बड़े पंडालों में अग्नि सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी।
मुख्य बातें
* बड़े पंडालों में एंट्री 10 फुट तो एग्जिट 12 फुट का जरूरी
* 19 से बड़े पंडालों में सुरक्षा उपायों का होगा निरीक्षण
* 97 अस्थायी अग्निशमन केंद्र, मंत्री सुजीत बोस ने की घोषणा
* 370 ड्राइवर और सब ऑफिसरों की नियुक्यिां
* रोबोट, ड्रोन से लेकर बड़ी गाड़ियां खरीद रहा है विभाग
कालीघाट फायर स्टेशन तैयार
लंबे समय से कालीघाट फायर स्टेशन को नये रूप में तैयार किया जा रहा था जो कि अब पूरा हो गया है। मंत्री सुजीत बोस ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उद्घाटन के लिए समय देंगी। वहीं टालीगंज फायर स्टेशन का काम दिसंबर तक पूरा कर लिया जायेगा। नये 25 फायर स्टेशन और तैयार होंगे इनमें नवान्न से लेकर जिला तक शामिल है। मंत्री ने कहा कि कानूनी जटिलता दूर होते ही 370 ड्राइवर और सब ऑफिसरों की नियुक्यिां होंगी। मंत्री ने कहा कि केवल स्टेशन से तो नहीं होगा नियुक्तियां भी होंगी। वर्तमान में 166 फायर स्टेशन हैं जो कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से 2011 तक 109 फायर स्टेशन थे। आधुनिक यंत्रों में रोबोट, ड्रोन से लेकर बड़ी गाड़ियां विभाग खरीद रहा है।