

कुवैत में गुरुवार को हुए ड्रोन हमलों ने देश की तेल व्यवस्था को हिला कर रख दिया। अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन हमले के बाद मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी में भीषण आग लग गई।
इससे पहले दिन में ही पास स्थित मीना अल-अहमदी रिफाइनरी को भी ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया था, जहां आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दोनों रिफाइनरियां कुवैत की तेल उत्पादन और निर्यात प्रणाली की रीढ़ मानी जाती हैं, जिससे इस हमले ने वैश्विक तेल बाजार में भी चिंता बढ़ा दी है।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलों में किसी बड़े जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नुकसान का आकलन जारी है। सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे जिम्मेदार तत्वों की पहचान में जुट गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ड्रोन हमले न केवल कुवैत बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि इसका असर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
सरकार ने हालात पर काबू पाने के लिए आपात कदम उठाए हैं और आग बुझाने का काम तेजी से जारी है।