

Bharatiya Janata Party (BJP) ने Punjab Police की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे ‘बदले की राजनीति’ करार दिया है। मामला Sandeep Pathak के खिलाफ दर्ज दो FIR से जुड़ा है, जो हाल ही में Aam Aadmi Party (AAP) छोड़कर BJP में शामिल हुए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब के दो अलग-अलग जिलों में दर्ज इन FIR में भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न से जुड़ी गैर-जमानती धाराएं शामिल हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
संदीप पाठक ने इन आरोपों से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें किसी FIR की जानकारी नहीं है और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से देश की सेवा की है।
यह विवाद उस समय सामने आया है जब पाठक समेत कई नेताओं—जैसे Raghav Chadha, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल—ने Arvind Kejriwal के नेतृत्व वाली AAP छोड़कर BJP का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में AAP की ताकत घटकर सिर्फ तीन सांसद रह गई है।
पाठक, जो अप्रैल 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं, 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP की जीत के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते थे। उनके जाने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
इस बीच, Bhagwant Mann सरकार द्वारा विधानसभा में विश्वास मत जीतने के बाद राज्य की राजनीति और गरमा गई है। BJP ने FIR दर्ज होने के समय को लेकर सवाल उठाए हैं।
Shiromani Akali Dal के नेता Bikram Singh Majithia ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पाठक AAP में थे तब कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। उन्होंने इसे चुनिंदा कार्रवाई बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।