ममता सरकार के 15 साल के वित्तीय लेनदेन की होगी जांच

शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला, होगा इंटरनल ऑडिट
ममता सरकार के 15 साल के वित्तीय लेनदेन की होगी जांच
Published on

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नयी भाजपा सरकार अब सरकारी सहायता प्राप्त संस्थाओं, विकास बोर्डों और स्वायत्त निकायों के पिछले 15 वर्षों के वित्तीय लेनदेन की जांच कराने की तैयारी में है। राज्य प्रशासन ने विभिन्न संस्थाओं में संभावित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की पड़ताल के लिए इंटरनल ऑडिट कराने का फैसला लिया है।

सूत्रों के मुताबिक, नवान्न और अन्य सरकारी दफ्तरों से कोई फाइल बाहर न जाए, इसके लिए पहले ही केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी। अधिकारी जब दफ्तर में प्रवेश करते हैं या बाहर निकलते हैं, तब उनकी जांच की जा रही है ताकि कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज बाहर न ले जाया जा सके। इंटरनल ऑडिट के जरिए यह जांच की जाएगी कि वित्तीय लेनदेन तय नियमों के तहत हुए या नहीं, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई या नहीं और किसी परियोजना में किसी व्यक्ति या संस्था को अनुचित लाभ तो नहीं पहुंचाया गया।

बताया जा रहा है कि राज्य प्रशासन के शीर्ष स्तर से इस ऑडिट को लेकर निर्देश जारी हो चुके हैं और जल्द ही विस्तृत योजना तैयार कर अधिसूचना जारी की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण, पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड और आवास एवं परिवहन से जुड़ी कई संस्थाएं जांच के दायरे में आ सकती हैं। वहीं पंचायत मंत्री दिलीप घोष पहले ही पंचायत स्तर पर विशेष ऑडिट की घोषणा कर चुके हैं।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in