

अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर हमले चौथे दिन भी जारी हैं। इसी बीच अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांड और कंट्रोल केंद्रों तथा वायु रक्षा प्रतिष्ठानों को नष्ट कर दिया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड United States Central Command (सेंटकॉम), जो मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों की देखरेख करता है, ने मंगलवार को कहा कि उसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स को भी निशाना बनाया। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईरानी शासन से उत्पन्न आसन्न खतरों के खिलाफ हम निर्णायक कार्रवाई जारी रखेंगे।”
सोमवार को सेंटकॉम ने दावा किया था कि अमेरिकी बलों ने ईरान में 1,250 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया और 11 ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया। साथ ही यह पुष्टि की गई कि सप्ताहांत में कुवैत पर ईरान के जवाबी हमलों में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए।
अमेरिकी पक्ष के अनुसार, ईरानी हमले के दौरान कुवैत ने गलती से तीन अमेरिकी एफ-15ई लड़ाकू विमानों को मार गिराया। सभी छह क्रू सदस्य सुरक्षित बाहर निकल गए और उन्हें बचा लिया गया।
उधर ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक, बुशेहर प्रांत के जम और दिर शहरों में हुए अमेरिका-इज़राइल हमलों में आईआरजीसी की वायुसेना और नौसेना के पांच सदस्य मारे गए हैं।
ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार रात से मंगलवार तड़के तक लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं। मेहर न्यूज एजेंसी ने इस्फहान और शिराज शहरों में भी धमाकों की खबर दी है।
इज़राइली सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने कहा कि इज़राइल की वायुसेना ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम के खिलाफ कई अभियानों को अंजाम दे रही है और उसके कई सैन्य कर्मियों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि रडार सिस्टम, मिसाइल लॉन्चर और बैलिस्टिक मिसाइल प्लेटफॉर्म से जुड़े ठिकानों पर हमले किए गए।
संघर्ष अब क्षेत्र के अन्य हिस्सों तक फैलता दिख रहा है। इज़राइली सेना ने मंगलवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर एक साथ हमले किए।
सोमवार तड़के बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और दक्षिणी लेबनान में हुए हवाई हमलों में कम से कम 52 लोगों की मौत और 154 के घायल होने की खबर है।
इससे पहले हिज़्बुल्लाह ने कहा था कि उसने उत्तरी इज़राइल स्थित रामात डेविड एयरबेस पर ड्रोन के झुंड के जरिए हमला किया, जिसमें रडार साइट्स और कंट्रोल रूम को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका अपनी घोषित चार से पांच हफ्तों की समयसीमा से कहीं अधिक समय तक सैन्य अभियान चलाने की क्षमता रखता है। इससे संकेत मिलते हैं कि यह संघर्ष जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा।