फलता में आज पुनर्मतदान, दोगुने केंद्रीय बल तैनात

285 बूथों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वेबकास्टिंग, क्यूआरटी और ड्रोन से होगी निगरानी

फलता में आज पुनर्मतदान, दोगुने केंद्रीय बल तैनात
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केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दक्षिण 24 परगना जिले की 144-फलता विधानसभा सीट पर गुरुवार, 21 मई को सभी 285 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान ईवीएम और वेबकैम फुटेज से कथित छेड़छाड़ के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस बार आयोग किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए पहले से लगभग दोगुनी सुरक्षा व्यवस्था कर रहा है। हर बूथ पर आठ केंद्रीय जवान, 35 कंपनियां केंद्रीय बल, 30 क्विक रिस्पांस टीम, लाइव वेबकास्टिंग और ड्रोन निगरानी जैसी कड़ी व्यवस्थाएं की गई हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस

निर्वाचन आयोग के निर्देश पर फलता विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार इस बार प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के आठ जवान तैनात रहेंगे। इससे पहले 29 अप्रैल के मतदान में प्रत्येक बूथ पर केवल चार जवान मौजूद थे। पूरे विधानसभा क्षेत्र के 285 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या दबाव की स्थिति को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

30 क्विक रिस्पांस टीम रहेंगी सक्रिय

मतदान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को तैयार रखा गया है। ये टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त करेंगी और किसी शिकायत या तनाव की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करेंगी।

हर बूथ पर कैमरों से निगरानी

निर्वाचन आयोग ने निगरानी व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत कर दी है। प्रत्येक मतदान केंद्र के भीतर दो वेब कैमरे और बाहर एक कैमरा लगाया गया है। मतदान प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और सीईओ कार्यालय से लगातार मॉनिटर की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी की भी तैयारी की गई है। आयोग ने पूरे पुनर्मतदान की निगरानी के लिए तीन विशेष चुनाव पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।

ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद बड़ा फैसला

29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई बूथों से ईवीएम पर इत्र छिड़कने और चिपकने वाला टेप लगाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। जांच में कम से कम 60 मतदान केंद्रों पर छेड़छाड़ के संकेत मिलने की बात कही गई। वेबकैम फुटेज से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई गई थी। तत्कालीन विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने स्वयं क्षेत्र का दौरा कर जांच की थी, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया।

राजनीतिक माहौल भी गरम

पुनर्मतदान से पहले राज्य पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें फलता पंचायत समिति के उपाध्यक्ष सईदुल खान भी शामिल हैं। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने पुनर्मतदान से हटने की घोषणा कर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। हालांकि पार्टी ने इसे उनका व्यक्तिगत फैसला बताया है। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने देवांग्शु पंडा को मैदान में उतारा है। अब पूरे राज्य की नजर फलता विधानसभा के पुनर्मतदान पर टिकी हुई है, जहां 24 मई को मतगणना के बाद चुनावी तस्वीर साफ होगी।

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