ईरान में मोसाद लिंक पर फांसी

ईरान की न्यायपालिका ने बुधवार को कहा कि इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में देश में एक व्यक्ति को फांसी दी गयी है।
प्रतीकात्मक तस्वीर।
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दुबईः ईरान की न्यायपालिका ने बुधवार को कहा कि इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में देश में एक व्यक्ति को फांसी दी गयी है। न्यायपालिका की समाचार एजेंसी ‘मिजान’ ने मृतक की पहचान कुरुश कीवानी के रूप में की है।

ऐसा आरोप हैं कि उसने ‘‘संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और जानकारी’’ मोसाद को उपलब्ध करायी थीं। दुनिया में सबसे अधिक फांसी देने वाले देशों में शामिल ईरान जासूसी के मामलों में दोषी ठहराए गए लोगों को बंद कमरे में सुनवाई के बाद लंबे समय से मौत की सजा देता रहा है। ये ऐसे मामले हैं जहां आरोपी अपने खिलाफ लगे आरोपों का पूरी तरह से बचाव नहीं कर पाते।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
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मोसाद और ईरान का संबंध

मोसाद इजराइल की खुफिया एजेंसी है, जिसका काम दूसरे देशों में जाकर जानकारी जुटाना, गुप्त ऑपरेशन चलाना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों को रोकना होता है। ईरान का आरोप रहता है कि मोसाद उसके भीतर अपने एजेंट या नेटवर्क बनाकर संवेदनशील जानकारी जुटाता है। ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर इजराइल चिंतित रहता है, इसलिए मोसाद उस पर लगातार निगरानी रखता है।

कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान में कुछ हमले या तोड़फोड़ जैसी घटनाओं के पीछे मोसाद का हाथ हो सकता है, हालांकि ये अक्सर आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया जाता। ईरान समय-समय पर लोगों को “मोसाद के लिए जासूसी” के आरोप में गिरफ्तार या सजा देता है। इन मामलों में सच्चाई अक्सर पूरी तरह सामने नहीं आती, क्योंकि यह खुफिया एजेंसियों और देशों के बीच की गुप्त गतिविधियां होती हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं।

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