

दुबईः अमेरिका-इजराइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद रविवार को पाकिस्तान के शहर कराची में सैकड़ों लोग अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में घुस गए और खिड़कियां तोड़ दीं। पुलिस ने उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। अपुष्ट खबरों में बताया गया है कि दूतावास में तैनात अमेरिकी मैरिन फोर्स ने गोलियां चलाईं जिससे 12 लोगों की मौत हो गई है। 30 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही गई है।
पुलिस अधिकारी मोहम्मद जवाद ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। वाणिज्य दूतावास पर यह हमला इजराइल और अमेरिका के हमले में खामेनेई के मारे जाने के कुछ घंटे बाद हुआ।
सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजार ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक से तत्काल विवरण मांगा और कहा, “किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।” उन्होंने संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा बढ़ाने और विरोध प्रदर्शन के दौरान यातायात सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग तय करने को भी कहा। मंत्री ने कहा, “कानून प्रवर्तन एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं।” उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, शिया संगठनों ने खामेनेई की मौत के विरोध में कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास तक मार्च निकालने की घोषणा की थी।
सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो में दिख रहा है कि कई लोग वाणिज्य दूतावास के भीतर तक प्रवेश कर गये हैं और हाथ में लिये लाठी-डंडों से खिड़कियों-दरवाजों पर प्रहार कर रहे हैं। वहां पुलिस के लोग भी दिखाई दे रहे हैं। लोग अपने चेहरे पर कपड़े बांधे हुए थे।
पाकिस्तानी मीडिया में बताया गया कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के इकट्ठा होने के बाद अधिकारियों ने कराची के एमटी खान रोड और आस-पास के चौराहों समेत मुख्य रास्तों को सील कर दिया। प्रदर्शनकारियों के कथित तौर पर पत्थर फेंकने और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन किसी तरह शिया प्रदर्शनकारी वाणिज्य दूतावास तक पहुंचे और वहां आगजनी और व्यापाक तोड़ की। दूतावास के किसी कर्मचारी के घायल या मारे जाने की कोई सूचना नहीं है।
वर्ष 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता रहे खामेनेई की शनिवार को अमेरिका-इजराइल के हमलों में मौत हो गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में खामेनेई की मौत की सूचना दी और इसके कुछ घंटे बाद ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी इसकी पुष्टि की।