सीएस पंत को फिर दिल्ली बुला सकता है आयोग, अटकलें तेज

चार अधिकारियों के निलंबन पर विवाद
मुख्य सचिव मनोज पंत
मुख्य सचिव मनोज पंत
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कोलकाता: वोटर लिस्ट में अवैध रूप से नाम जोड़ने के आरोपों पर राज्य सरकार ने आखिरकार चार अधिकारियों को निलंबित कर चुनाव आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। मुख्य सचिव मनोज पंत ने गुरुवार को आयोग को रिपोर्ट सौंपी। नवान्न सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही (डीपी) शुरू करने का आदेश दिया गया है, लेकिन अब तक इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। आयोग के निर्देशों का राज्य सरकार द्वारा केवल आंशिक अनुपालन किए जाने पर आयोग नाराज है।

एफआईआर नहीं होने से आयोग नाराज

सूत्रों का कहना है कि आयोग ने साफ तौर पर चार अधिकारियों को निलंबन के साथ-साथ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश भी दिया था। इसके बाद भी राज्य सरकार ने केवल निलंबन तक ही कार्रवाई सीमित रखी। इसी कारण अब अटकलें तेज हो गई हैं कि मुख्य सचिव मनोज पंत को एक बार फिर दिल्ली तलब किया जा सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले भी आयोग के आदेशों का राज्य सरकार ने पूर्ण रूप से पालन नहीं किया था। तब एक एआरओ और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को केवल चुनावी ड्यूटी से हटाया गया था, जबकि विभागीय कार्रवाई से परहेज किया गया था। यही कारण है कि आयोग ने तत्काल मुख्य सचिव को दिल्ली बुलाकर सख्त निर्देश दिए थे। अब जब एक बार फिर नवान्न ने केवल आंशिक आदेश का पालन किया है, तो आयोग की नाराजगी का बढ़ना तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अगले सप्ताह ही मुख्य सचिव को फिर से दिल्ली बुलाया जा सकता है।

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