चुनाव से पहले दीदी के मास्टरस्ट्रोक ने सभी को चौंकाया

DA की लंबे समय की मांग हुई पूरी, पुजारियों और मुअज्जिनों प्रति माह 2,000 रु., 64 लाख शिक्षित बेरोजगार के खातों में 1,500 रु.
चुनाव से पहले दीदी के मास्टरस्ट्रोक ने सभी को चौंकाया
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

काेलकाता : पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीख के कुछ समय पहले ममता बनर्जी का मास्टरस्ट्रोक ने सभी को चौकाया। कुछ ऐसे फैसले लिए जिन्हें राजनीतिक विश्लेषक “मास्टरस्ट्रोक” बता रहे हैं। इन फैसलों का असर राजनीति, सरकारी कर्मचारियों और समाज के कई वर्गों में पड़ेगा। खासकर सरकारी कर्मचारियों के वर्ग में खुशी की लहर है। हो भी क्याें ना क्योंकि वे लंबे समय से बकाया डीए की मांग करते आ रहे हैं। रविवार को सीएम ने कई बड़ी घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुजारियों और मुअज्जिनों के लिए खुशखबरी दी है। रविवार को अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट में, सीएम ने बताया कि पुजारियों और मुअज्जिनों के मासिक भत्ते में 500 रुपये की वृद्धि की गई है। इसके परिणामस्वरूप, अब से उन्हें प्रति माह 2,000 रुपये का मानदेय मिलेगा।

बंगाल में हर धर्म और परंपरा को समान महत्व दिया जाता है : सीएम

सीएम ने पुजारियों और मुअज्जिनों की मांगों को अहमियत देते हुए यह घोषणा अहम मानी जा रही है। सीएम ने इस दिन लिखा कि समाज के आध्यात्मिक और सामाजिक बंधनों को बनाए रखने में इन लोगों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को सम्मान देते हुए, राज्य सरकार ने भत्ते की इस बढ़ी हुई दर को तत्काल लागू करने का निर्णय लिया है। वहीं राज्य सरकार मार्च से 2009 के आरओपीए के तहत बकाया 25 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) का भुगतान शुरू कर रही है। इस निर्णय से राज्य के लाखों शिक्षकों, शिक्षाकर्मियों और पंचायतों एवं नगरपालिकाओं के कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारी सरकार हमेशा कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर काम करती है। हम आज यह खुशखबरी साझा कर पा रहे हैं।

पुजारियों और मुअज्जिनों के नये आवदनों को हरी झंडी

मानदेय में केवल वृद्धि नहीं हुई बल्कि नये आवेदन की जांच के बाद उसे भी मंजूरी मिली है। सीएम ने अपने सोशल साइट पर जानकारी दी हैं कि राज्य सरकार ने राज्य के उन सभी पुजारियों और मुअज्जिनों के आवेदनों को मंजूरी दे दी है जिन्होंने इस मानद भत्ते के लिए विधिवत नए आवेदन जमा किए थे। इसके परिणामस्वरूप, कई और लोग सरकारी सहायता के दायरे में आ गए हैं। अपनी घोषणा में मुख्यमंत्री ने लिखा, हमारे राज्य में हर धर्म और परंपरा को समान महत्व दिया जाता है। हमारा लक्ष्य बंगाल की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत की रक्षा करने वालों को उचित मान्यता और समर्थन सुनिश्चित करना है।

64 लाख शिक्षित बेरोजगार के खातों में 1,500 रुपये

दूसरी ओर, बांग्लार युवा साथी योजना के सभी आवेदकों के खातों में धनराशि हस्तांतरित करने की योजना है। नवन्ना सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर तक राज्य के 64 लाख शिक्षित बेरोजगार लोगों के खातों में 1,500 रुपये पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया गया। इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कुल 79 लाख आवेदन (युवा साथी स्टेटस) जमा किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक आवेदन पत्रों के अंबार की जांच के बाद 64 लाख युवा इस भत्ते के पात्र बन पाये हैं।

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