धर्मेंद्र सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि एक एहसास थे: अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन हाल में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के एक विशेष कार्यक्रम में अपने दिवंगत सह-कलाकार को याद करते हुए भावुक हो गये।
धर्मेंद्र सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि एक एहसास थे: अमिताभ बच्चन
Published on

नई दिल्लीः ‘‘शोले’’ जैसी मशहूर फिल्म में महान अभिनेता धर्मेंद्र के साथ काम कर चुके अमिताभ बच्चन हाल में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (केबीसी) के एक विशेष कार्यक्रम में अपने दिवंगत सह-कलाकार को याद करते हुए भावुक हो गये। केबीसी के इस विशेष एपिसोड में धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ की टीम पहुंची थी। धर्मेंद्र का नवंबर में 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।

फिल्म में धर्मेंद्र ने अरुण खेत्रपाल के पिता की भूमिका निभाई है। अरुण खेत्रपाल इतिहास में परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले सबसे कम उम्र के जवान थे। वह भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सिर्फ 21 वर्ष की आयु में शहीद हो गये थे। फिल्म में बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है।

बच्चन ने कहा कि ‘‘इक्कीस’’ धर्मेंद्र की अपने अनगिनत प्रशंसकों के लिए छोड़ी गई आखिरी अनमोल याद है।

धर्मेंद हमेशा एक याद बने रहेंगे

बच्चन ने कहा, ‘‘एक कलाकार अपनी आखिरी सांस तक कला का प्रदर्शन करना चाहता है। और मेरे मित्र, मेरे परिवार जैसे, मेरे आदर्श धर्मेंद्र देओल जी ने यही किया। धरम जी सिर्फ एक इंसान नहीं थे, वह एक एहसास थे और एहसास कभी आपको छोड़कर नहीं जाता। वह याद बन जाता है, एक आशीर्वाद बन जाता है जो आपको आगे बढ़ते रहने की ताकत देता है।’’

जयदीप अहलावत ने धमेंद्र को बताया पारिवारिक सदस्य जैसा

अभिनेता जयदीप अहलावत ने कहा कि उन्हें धर्मेंद्र के साथ काफी समय बिताने का मौका मिला क्योंकि दोनों ने साथ में कई सीन किए थे। अहलावत फिल्म में एक पाकिस्तानी सेना अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं।

अहलावत ने कहा, ‘‘जब भी वह सेट पर होते थे, तो ऐसा कभी नहीं लगता था कि आप किसी बड़े स्टार के साथ बैठे हैं, ऐसा लगता था कि वह आपके परिवार का ही हिस्सा हैं।’’

धर्मेंद्र सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि एक एहसास थे: अमिताभ बच्चन
बांग्लादेश में हिंदुओं पर बेइंतहा अत्याचार, एक और हिंदू को जिंदा जलाने की कोशिश

अभिमाभ ने शोले फिल्म का एक किस्सा सुनाया

बच्चन ने फिल्म ‘‘शोले’’ के सेट से धर्मेंद्र के बारे में एक मजेदार किस्सा सुनाया। बच्चन ने कहा, ‘‘हम बेंगलुरु में ‘शोले’ की शूटिंग कर रहे थे। उनमें एक खास शारीरिक ताकत थी। वह पहलवान जैसे मजबूत हीरो थे। फिल्म (शोले) में मौत वाले सीन में जो दर्द आपने पर्दे पर देखा था वह असल लगता था। उन्होंने (धर्मेंद्र) मुझे इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि वह दर्द अपने आप स्वाभाविक अभिनय बन गया।’’ फिल्म ‘‘इक्कीस’’ बृहस्पतिवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in