लोकतंत्र विरोध करने का अधिकार देता है, लेकिन जिम्मेदारी भी मांगता है : बाबुल सुप्रियाे

लोकतंत्र विरोध करने का अधिकार देता है, लेकिन जिम्मेदारी भी मांगता है : बाबुल सुप्रियाे
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दिल्ली में एआई सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा बिना कमीज के (शर्टलेस) विरोध प्रदर्शन पर विवाद खड़ा हो गया है। इसकी निंदा की जा रही है। पश्चिम बंगाल सरकार में आईटी विभाग मामलों के मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी इस प्रदर्शन की निंदा की है और इसे देश के लिए शर्मनाक बताया गया है। मंत्री ने ऐसे कार्यक्रमों को 'कमजोर निर्णय का प्रतिबिंब' बताया है। बाबुल सुप्रियो के पोस्ट को तृणमूल के आधिकारिक हैंडल से भी साझा किया गया।

रविवार को बाबुल सुप्रियो ने अपने पोस्ट में लिखा कि दिल्ली में एआई शिखर सम्मेलन में भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों द्वारा बिना शर्ट पहने किया गया विरोध प्रदर्शन नासमझी को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय लीडर्स और ग्लोबल बिजनेस की हस्तियों की उपस्थिति वाले मंच पर ऐसा व्यवहार हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बारे में गलत संदेश देता है। बाबुल ने आगे लिखा कि लोकतंत्र विरोध करने का अधिकार देता है, लेकिन साथ ही जिम्मेदारी भी मांगता है। जब भारत विश्व के समक्ष प्रस्तुत हो रहा हो, तो पक्षपातपूर्ण प्रदर्शन की जगह परिपक्वता और संयम अपनाना चाहिए। राजनीतिक मतभेदों को दृढ़ता से लड़ा जा सकता है, लेकिन कभी भी राष्ट्र के सम्मान और गरिमा की कीमत पर नहीं। उल्लेखनीय है कि बाबुल सुप्रियो के इस बयान का तृणमूल ने भी समर्थन किया है। वहीं विपक्षी पार्टियों के कई नेताओं ने भी कांग्रेस के यूथ विंग के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की निंदा की है। वहीं सोशल मीडिया पर भी कई कमेंट किये जा रहे है। हालांकि कांग्रेस के कई नेताओं ने बचाव में अपनी अपनी बातें रखी और क्यों प्रदर्शन किया, इसका भी जवाब दिया है।

मुख्य बातें

* AI सम्मेलन में युवा कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन को बाबुल ने बताया 'नासमझी!'

* कहा : लोकतंत्र अधिकार देता है मगर संयम भी जरूरी है

* तृणमूल ने मंत्री के बयान का किया समर्थन

* प्रदर्शन पर विपक्ष ने कांग्रेस को सुनाई खरी-खरी

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