

23 मई 2025 और 18 जून 2026-कैलेंडर के ये दो पन्ने सिर्फ तारीखें भर नहीं हैं, बल्कि जुर्म की दुनिया में एक ही जैसी वारदात के दोहराए जाने के गवाह हैं। बीते साल 23 मई को मेघालय के खूबसूरत वादियों के बीच जो खौफनाक साजिश इंदौर की सोनम रघुवंशी ने अपने पति राजा रघुवंशी के खिलाफ रची थी, ठीक वैसी ही खूनी पटकथा को साल 2026 में पुणे की सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल के लिए दोहरा दिया। दोनों ही घटनाओं में धोखे और अपराध की हैरान कर देने वाली एक जैसी समानता नजर आती है।
20 साल की सिया गोयल ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए, 18 जून को मंगेतर केतन अग्रवाल के जन्मदिन के 'रोमांटिक सरप्राइज' को ही उसका आखिरी दिन बना दिया। यह महज दो हत्याएं नहीं हैं, बल्कि दो ऐसी शातिर महिलाओं की खूनी दास्तान है, जो पारिवारिक दबाव में तय हुई शादियों के बंधनों को तोड़ना चाहती थीं। दोनों ही वारदातों में महिलाओं ने अपने प्रेमी की मदद ली और अपने पति और मंगेतर को मौत के घाट उतार दिया। दोनों ही केस में कई दिनों तक पुलिस को गुमराह किया गया।
22 साल के कारोबारी केतन अग्रवाल की इसी साल नवंबर में सिया गोयल से शादी होने वाली थी। परिवार ने शादी के लिए उदयपुर में महल बुक किया था। दोनों परिवार शादी की तैयारी में जुटे हुए थे। इसी बीच 18 जून को केतन का जन्मदिन था। केतन और सिया पुणे के फेमस लोहागढ़ किले घूमने पहुंचे। केतन जब किले पर तस्वीरें खींच रहा था, तभी वह 400 फीट गहरी खाई में गिर गया। सिया ने पुलिस को गुमराह करते हुए बताया कि वो अचानक खाई में गिरा। शुरुआत में यही माना गया कि तेज हवा की वजह से केतन का संतुलन बिगड़ा। सिया ने खुद पुलिस को फोन कर इसे एक दर्दनाक हादसा बताया और कई दिनों तक रोने का नाटक कर गुमराह करती रही।
लेकिन पुणे पुलिस ने इस मामले में जब जांच शुरू की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। घटना के हफ्तेभर बाद पुलिस को ऐसे सबूत मिले, जिससे सिया पर शक मजबूत हुआ। पुणे पुलिस के अनुसार टेक्निकल डिटेल्स, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और हादसे वाली जगह मौजूद लोगों से पूछताछ के बाद तस्वीर साफ हुई। पुलिस ने बताया कि सिया ने केतन को खाई में धक्का दिया था। पुलिस ने सिया और उसके प्रेमी चेतन को हिरासत में ले लिया है।
केतन अग्रवाल मर्डर केस इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड जैसा ही है। राजा रघुवंशी की हत्या 23 मई 2025 को मेघालय में उनके हनीमून के दौरान की गई थी। इस मर्डर की मास्टरमाइंड राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी ही थी। सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर राजा को रास्ते से हटाने के लिए साजिश रची। सोनम ने वारदात को खुद अंजाम नहीं दिया, बल्कि प्रेमी के जरिए 3 शार्पशूटर हायर किए और लगातार पति की लाइव जीपीएस लोकेशन शेयर कर हत्या करवाई।
पूरी प्लानिंग की गई। आरोपियों ने राजा पर धारदार हथियार से वार किया और शव को खाई में फेंक दिया। शुरुआत में इसे लूटपाट और लापता होने का मामला दिखाने की कोशिश की गई। सोनम ने पति की हत्या के बाद खुद को अगवा होने का ड्रामा किया। पुलिस के अनुसार सोनम मेघालय से इंदौर आ गई और कुछ दिन एक सीक्रेट घर में रही। इसके बाद सोनम ने यूपी के एक ढाबे में पहुंचकर रोने का नाटक किया, ताकि वह खुद पीड़ित दिखे।
इन दोनों ही साजिशों का सबसे खौफनाक पहलू हत्या के बाद का ड्रामा था। सोनम रघुवंशी एक ढाबे पर मिली और खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश करती रही। वहीं सिया ने कहा कि उसके मंगेतर की मौत पैर फिसलने से खाई में गिरने से हुई। इन दोनों ही घटनाओं में जिसे पीड़ित समझा वही मास्टरमाइंड निकली। कई दिनों तक कानून भी गुमराह होता रहा।