

सन्मार्ग संवाददाता
नदिया: नदिया के तेहट्ट स्थित निश्चिंतपुर में एक नाबालिग की हत्या को लेकर तनाव फैल गया। पड़ोसी दंपति द्वारा बच्चे की हत्या की आशंका पर लोगों की भीड़ ने आक्रोशित होकर उत्पल मंडल व उसकी पत्नी सोमा की सामूहिक पिटायी की जिससे उनकी मौत हो गयी। घटना को लेकर पूरे अंचल में तनाव बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की दोपहर खेलने के लिए घर से बाहर गये 11 साल के स्वर्णाभ विश्वास लापता हो गया था। परिवारवालों ने उसकी हर जगह तलाश करने के बाद उसके लापता होने की शिकायत पुलिस में की। वहीं इस बीच शनिवार की सुबह बच्चे का घर के पास ही तालाब से प्लास्टिक में लिपटा हुआ शव बरामद किया गया। आरोप है कि पड़ोसी दंपति स्वर्णाभ की तस्करी करना चाहता था। उत्पल पर पहले भी बच्चे की तस्करी की कोशिश का आरोप लगा था। वहीं कुछ लोगों को पता चला कि उसे आखिरी बार उत्पल के साथ देखा गया था जिस पर ही लोग भड़क उठे। उन्होंने आशंका जतायी कि अभियुक्त मंडल दंपति ने ही बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या कर शव को प्लास्टिक में लपेटकर तालाब में फेंक दिया था। इस पर ही स्थानीय लोगों ने पड़ोसी दंपति को घेर लिया और कथित तौर पर उनकी सामूहिक पिटायी करते हुए उन्हें उनके घर को फूंक डाला। आरोप है कि भीड़ उत्पल विश्वास और सोमा विश्वास के घर में घुस गई। घर में तोड़फोड़ करने की कोशिश करते हुए दम्पति को उनके घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और उनकी बेरहमी से पिटायी की गई। पुलिस की एक टीम उन्हें अस्पताल ले गई जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। इसकी खबर पाकर पुलिस व दमकल ने इलाके में पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। कृष्णानगर जिला पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पायी है कि बच्चे की हत्या में उत्पल और उसकी पत्नी का हाथ था या नहीं। फिलहाल इसकी जांच की जा रही है।
परिवारवालों ने कहा-हत्या की बात स्वीकार की थी उत्पल ने
1 साल के स्वर्णाभ की हत्या मामले में पड़ोसी दंपति की पीट-पीटकर हत्या की कर दी गयी। मामले में मृत बच्चे की मां ने मीडिया के सामने कहा कि जब बच्चे की अपहरण कर हत्या की आशंका पर लोगों ने अभियुक्त उत्पल को पकड़कर पूछताछ की थी तो उसने कबूल किया कि उसने बच्चे को मारकर फेंक दिया है। वहीं इलाके के लोगों का आरोप है कि उत्पल बच्चा तस्करी में शामिल था और संभवतः स्वर्णाभ को भी बेचना चाहता था। जब उसे रोका गया तो उसने यह जघन्य अपराध किया। वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि पड़ोसी दंपति व बच्चे के परिवार में पुराना विवाद था हालांकि पीड़ित परिवार का कहना है कि मृत दंपति से उनका कोई पुराना झगड़ा नहीं था। पहले हमें उस पर शक नहीं था, यहां तक कि वह भी सभी के साथ उनके बच्चे की तलाश करने का अभिनय कर रहा था मगर जब बच्चे का शव उनके घर के पास तालाब में मिला तो वे निश्चित हो गये। इलाके के लोगों का दावा है कि उत्पल ने इसके पहले भी स्कूल के बच्चे को उठा ले जाने की कोशिश की थी हालांकि बच्चे के चीख पुकार करने पर कुछ लोगों ने वहां पहुंचकर उसका उद्धार कर लिया था। आरोप है कि उस घटना से ही उत्पल के स्वर्णाभ का भी अपहरण करने की आशंका लोगों ने जतायी थी। अपने बेटे की इस तरह से चले जाने को उसके माता-पिता स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उनके आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे।
बच्चे की हत्या के पीछे दंपति का हाथ था या कुछ और हुआ, जांच कर रही है पुलिस
कृष्णानगर जिला पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पायी है कि बच्चे की हत्या में उत्पल और उसकी पत्नी का हाथ था या नहीं। या फिर बच्चे की मौत के पीछ क्या कारण है। फिलहाल इसकी जांच की जा रही है। बच्चे का अपहरण और हत्या करने के पीछे के कारणों को लेकर भी अब तक कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस अपराध में और कौन-कौन शामिल हैं पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। फिलहाल मृतकों स्वर्णाभ, उत्पल और सोमा के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही बालक की मौत के कारणों का खुलासा होगा। शिशु तस्करी में उत्पल शामिल था या नहीं इस ओर भी जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है फिलहाल परिस्थितियां सामान्य हैं। किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।