Cough Syrup Tragedy: कफ सिरप से बच्चों की मौत पर सख्त हुआ WHO, मांगी पूरी रिपोर्ट

Cough Syrup Death
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नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारतीय अधिकारियों से जानना चाहा है कि क्या देश में बच्चों की मौत से जुड़ा कफ सिरप दूसरे देशों को निर्यात किया गया है। क्योंकि, वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी यहां के अधिकारियों से आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद ही कफ सिरप कोल्ड्रिफ, पर ‘ग्लोबल मेडिकल प्रोडक्ट्स अलर्ट’ जारी करने पर फैसला करेगी।

दरअसल वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी घटिया और दूषित दवाओं के लिए ऐसे अलर्ट जारी करती है। इस कफ सिरप के इस्तेमाल से मध्य प्रदेश के पांच बच्चों की हालत गंभीर है, जबकि 20 बच्चों की मौत ‘दूषित’ कफ सिरप के सेवन से हुए किडनी संक्रमण के कारण हुई है।

WHO ने मांगा स्पष्टीकरण

प्रयोगशाला जांच में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) और एथिलीन ग्लाइकॉल (ईजी) की मात्रा अधिक पाई गई है। इसके अलावा राजस्थान के विभिन्न जिलों में कफ सिरप पीने से कम से कम तीन बच्चों की कथित तौर पर मौत हो गई है। सूत्रों ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या देश में बच्चों की मौत से जुड़ा कफ सिरप नियमित प्रक्रिया के तहत दूसरे देशों को निर्यात किया गया था।

भारतीय औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रकों से आग्रह किया था कि वे मध्य प्रदेश में कथित तौर पर दूषित कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मद्देनजर दवा उत्पादों को बाजार में जारी करने से पहले उनके कच्चे माल और तैयार फॉर्मूलेशन का परीक्षण सुनिश्चित करें।

डीसीजीआई चिंता व्यक्त की

डीसीजीआई ने एक परामर्श में कहा कि विनिर्माण संयंत्रों के हालिया निरीक्षणों और ‘मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं’ घोषित की गई दवाओं की जांच के दौरान यह पाया गया कि कई निर्माता उपयोग से पहले निर्धारित मानकों के अनुपालन के लिए दवा निर्माण में सहायक सामग्री के प्रत्येक बैच और सक्रिय अवयवों का परीक्षण नहीं कर रहे हैं। साथ ही कहा कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हाल में बच्चों की मौत की खबरें आई हैं, जो कथित तौर पर दूषित कफ सिरप से जुड़ी हैं और इन कफ सिरप की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं हैं।

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