

कोलकाता : राज्य में रसोई गैस की अभूतपूर्व कमी और उससे पैदा हुए डर व अफरातफरी को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद अब मैदान में उतर आई हैं। गैस बुकिंग के बाद 25 दिन इंतजार की नई व्यवस्था से पूरे राज्य में चिंता बढ़ने के बाद उन्होंने बुधवार को अलीपुर के 'सौजन्या' में गैस कंपनियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने आम लोगों को भरोसा दिलाया कि संकट के समय राज्य में उत्पादित गैस किसी भी हालत में दूसरे राज्यों में नहीं भेजी जाएगी। साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
2 लाख सिलिंडर की मांग अब बढ़कर 6 लाख तक पहुंची
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैस आपूर्ति को लेकर लोगों में काफी चिंता है, क्योंकि इसका असर केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं है। होटल, रेस्टोरेंट, ऑटो, होम डिलीवरी सेवाएं, आईसीडीएस केंद्र, मिड-डे मील, अस्पताल और छात्रावास भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने माना कि 25 दिन के इंतजार की व्यवस्था से लोगों में पैनिक पैदा हुआ है। पहले जहां रोज करीब 2 लाख सिलिंडर की मांग थी, वहीं अब यह बढ़कर 6 लाख तक पहुंच गई है, जिससे कंपनियों के सर्वर भी ठप हो गए। मुख्यमंत्री ने कंपनियों को सर्वर जल्द ठीक कर जरूरतमंद उपभोक्ताओं को तुरंत गैस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ऑटो चालकों को किराया बढ़ाने की जरूरत नहीं है। जो ऑटो डीजल या पेट्रोल से चल रहे हैं, उन्हें कोई समस्या नहीं है क्योंकि इन ईंधनों की कमी नहीं है। समस्या केवल सीएनजी गैस को लेकर है।
गैस आपूर्ति के लिए ‘ग्रीन चैनल’ बनाने का फैसला
संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार ने गैस आपूर्ति के लिए ‘ग्रीन चैनल’ बनाने का फैसला किया है। साथ ही रिफाइनरियों में बनने वाली गैस को फिलहाल बाहर नहीं भेजने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपात स्थिति में सबसे पहले राज्य के लोगों की जरूरतें पूरी करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक रेस्तरां और होम डिलीवरी सेवाओं को कम से कम 2 प्रतिशत गैस आपूर्ति दी जाए, ताकि वे कम संसाधनों में अपना काम जारी रख सकें। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में चूल्हे पर खाना पकाने की सुविधा बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायतों और राशन डीलरों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में केरोसिन का भंडार रखने पर भी बैठक में चर्चा की गई। उन्होंने मुनाफाखोरी और जमाखोरी करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कहीं गैस की कालाबाजारी पाई गई तो सरकार हस्तक्षेप कर गैस जब्त कर आम लोगों को उपलब्ध कराएगी। साथ ही जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त कर स्थिति की निगरानी की जाएगी।