

कोलकाता : रसोई गैस की भारी कमी को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस आपूर्ति पूरी तरह केंद्र सरकार के नियंत्रण में होने के बावजूद सही योजना और पूर्व तैयारी के अभाव में देशभर में संकट की स्थिति पैदा हो गई है। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे के विरोध में आगामी सोमवार को राज्यभर में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और महारैली आयोजित की जाएगी।
केंद्र के पास नहीं हैं सही आंकड़े, तैयारी शून्य
राज्य में गैस की कमी का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है। कई स्कूलों में मिड-डे मील की रसोई प्रभावित हुई है, जहां बच्चों को चावल-दाल की जगह केवल उबला अंडा दिया जा रहा है। अस्पतालों, छात्रावासों और आईसीडीएस केंद्रों की सेवाएं भी बाधित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति के लिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। दरअसल, केंद्र की नयी गाइडलाइन के अनुसार गैस सिलिंडर बुकिंग के 25 दिन बाद ही मिलेगा। इसी फैसले को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि इस अचानक घोषणा से देशभर में कालाबाजारी और जमाखोरी को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी नीति लागू करनी थी तो कम से कम एक सप्ताह पहले आम लोगों को सूचित किया जाना चाहिए था। सीएम ने कहा कि न तो केंद्र तैयार था और न ही उसके पास पर्याप्त भंडार है।
युद्ध का अंदेशा था तो बफर स्टॉक क्यों नहीं?
अंतरराष्ट्रीय युद्ध का हवाला देकर संकट को सही ठहराने की कोशिश पर भी मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को वैश्विक हालात की जानकारी थी तो पहले से पर्याप्त बफर स्टॉक क्यों नहीं बनाया गया। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि पेट्रोल पंपों पर प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाने से काम नहीं चलता, बल्कि सही योजना और भंडारण व्यवस्था जरूरी है जो केंद्र के पास नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 'सप्लाई चेन' बाधित नहीं होनी चाहिए। गैस संकट का असर परिवहन और होटल उद्योग पर भी पड़ने लगा है। गैस से चलने वाले ऑटो चालक परेशानी में हैं, वहीं कई रेस्तरां और होटल बंद होने के कगार पर हैं। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने गुरुवार को नवान्न में आपात बैठक बुलाई है और अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था की योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र से देश में गैस भंडार की स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है।