

कोलकाता : अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले में 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद चीन एक बार फिर हिस्सा लेने जा रहा है। वर्ष 2011 के बाद यह पहला अवसर है, जब भारत का यह पड़ोसी देश इस प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा। आयोजक संस्था ‘गिल्ड’ की ओर से भेजे गए आमंत्रण को चीन ने अंतिम समय में स्वीकार किया और मेले में भागीदारी की औपचारिक पुष्टि भी कर दी है।
मंगलवार को आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में गिल्ड के महासचिव त्रिदिब कुमार चट्टोपाध्याय ने कहा, 2011 के बाद चीन दोबारा कोलकाता पुस्तक मेले में हिस्सा ले रहा है। उसने अंतिम समय में हमें इसकी जानकारी दी। हमें बेहद खुशी है और हम उसका हार्दिक स्वागत करते हैं। उधर, कोलकाता स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास के सूत्रों के अनुसार, 49वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले में भागीदारी को लेकर जोरदार तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
इस बार चीन किसी बड़े पवेलियन का निर्माण नहीं करेगा, बल्कि एक छोटे स्टॉल के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। चीनी स्टॉल में चीनी भाषा की किताबें, विभिन्न भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में अनूदित ग्रंथ, पारंपरिक चीनी चित्रकला और कई स्मारक वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी।
साहित्य और संस्कृति के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्टॉल का औपचारिक उद्घाटन जल्द ही कोलकाता में पदस्थापित चीनी कौंसुल जनरल जू बेई द्वारा किए जाने की संभावना है। चीन की वापसी से इस वर्ष का कोलकाता पुस्तक मेला और अधिक अंतरराष्ट्रीय रंग में रंगा नजर आएगा।