

नई दिल्लीः देश में वर्ष 2027 की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल तरीके से की जाएगी। देश में हर 10 वर्ष में जनगणना होती है। 2027 की जनगणना के केंद्र में जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) होगी जो एक विशिष्ट डिजिटल पोर्टल है। इसे दुनिया के सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
कागज आधारित जनगणना प्रणाली से अलग जनगणना के डिजिटल स्वरूप में कर्मी हाथ में क्लिपबोर्ड और कार्बन कॉपी लेकर नहीं, बल्कि पोर्टल के तहत हस्तचालित उपकरणों, जियोटैग किए गए मानचित्रण उपकरणों और एक केंद्रीकृत वेब-आधारित कमान मंच का उपयोग करते नजर आएंगे, जो भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। इसके सॉफ्टवेयर को विशेष रूप से तैयार किया गया है और लगभग वास्तविक समय में इस प्रकिया पर नजर रखी जा सकती है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से क्षेत्र में काम करने वाले 32 लाख कार्यकर्ता, गणनाकर्ता और पर्यवेक्षक हस्तचालित उपकरणों का उपयोग करके करोड़ों घरों से सूक्ष्म जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक डेटा प्राप्त कर सकेंगे।
सीएमएमएस आर्किटेक्चर के माध्यम से डेटा को प्रसारित, एकत्रित और मान्य किया जा सकता है, जिससे संकलन और त्रुटि सुधार के लिए आवश्यक समय में काफी कमी आती है।
भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को संबोधित एक परिपत्र में कहा, ‘‘आगामी जनगणना 2027 में आंकड़ों के संग्रह और प्रसार की गुणवत्ता, दक्षता और समयबद्धता को बढ़ाने के लिए डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। आगामी जनगणना में, आंकड़े डिजिटल माध्यम से एकत्र किए जाएंगे, जो जनगणना प्रक्रिया के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी कदम होगा।’’
पीटीआई को प्राप्त परिपत्र की प्रति में कहा गया है कि सीएमएमएस जनगणना कार्यों के संपूर्ण प्रबंधन को सुगम बनाएगा, जिसमें विभिन्न स्तरों पर उपयोगकर्ताओं का निर्धारण, प्रशिक्षण मॉड्यूल का संचालन, हाउसलिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) का निर्माण और उसका विवरण तथा पर्यवेक्षी मंडलों का आवंटन, पर्यवेक्षी मंडलों और एचएलबी का आवंटन, गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र जारी करना आदि शामिल हैं।
परिपत्र में कहा गया है कि सीएमएमएस जनगणना के क्षेत्रीय परिचालन के संबंध में नियुक्तियों, प्रशिक्षण और लगभग वास्तविक समय की निगरानी को सुविधाजनक बनाने में मददगार होगा।