

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पूर्व राज्यपाल डॉ. सी वी आनंद बोस ने नये राज्यपाल आर एन रवि की सराहना की। उन्हें प्रशासन में निपुण और स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम बताया। बोस ने रवि को केरल का अपना मित्र बताया। बोस ने कहा, “मेरे उत्तराधिकारी मेरे मित्र हैं। हम केरल राज्य में साथ थे। वे आईपीएस में थे और मैं आईएएस। वे अत्यंत सक्षम व्यक्ति हैं और प्रशासन में निपुण हैं। मुझे नहीं लगता कि उन्हें (रवि को) मेरी सलाह की जरूरत है। वह स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हैं। लेकिन बंगाल जैसे राज्य में, मेरा मानना है कि बीच का रास्ता अपनाना ही सबसे अच्छा है।” बोस ने पांच मार्च को राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था और उनके इस कदम से राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गयी थी।इसके तुरंत बाद, केंद्र सरकार ने रवि को उनके स्थान पर नियुक्त किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्यकाल पूरा होने से पहले हटाए जाने को बोस के साथ “अन्याय” बताया और आरोप लगाया कि यह निर्णय राजनीतिक रूप से प्रेरित था। ममता ने इस घटनाक्रम पर आश्चर्य भी व्यक्त किया और कहा कि कार्यकाल में समय बचा हुआ था, इसलिए बोस अपने पद पर बने रह सकते थे। बोस ने कहा कि उन्होंने पद छोड़ने का फैसला सोच-समझकर लिया था। उन्होंने कहा, “इस्तीफा देने का फैसला सोच-समझकर लिया गया था। इसके कई पहलू हैं। मैंने हर बात के फायदे और नुकसान पर गौर करने के बाद फैसला लिया।”