

गुवाहाटीः असम में कांग्रेस के तीन विधायक-कमलाख्या डे पुरकायस्थ, शशिकांत दास और बसंत दास- दो अन्य नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बृहस्पतिवार को शामिल हो गए। राज्य की भाजपा इकाई के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने केंद्रीय मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा की मौजूदगी में इन सभी नेताओं को यहां एक कार्यक्रम में पार्टी की सदस्यता दिलाई।
भाजपा में शामिल हुए दो अन्य नेताओं में कांग्रेस के पूर्व संयुक्त सचिव पार्शा बॉब कालिता और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व महासचिव कंगकन नाथ शामिल हैं। कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा के भाजपा में शामिल होने के कुछ ही दिन बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि ये विधायक पिछले दो वर्ष से विधानसभा में उनकी सरकार का समर्थन कर रहे थे और ‘‘आज वे पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल हो गए। मैं भाजपा में उनका स्वागत करता हूं।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या इन नेताओं को आगामी विधानसभा चुनावों में टिकट दिए जाएंगे, तो शर्मा ने कहा कि इस मामले पर अभी चर्चा नहीं हुई है लेकिन पार्टी की राज्य चुनाव समिति ‘‘अब इस पर विचार करेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनके नाम पैनल में होंगे लेकिन टिकट आवंटन के संबंध में अंतिम निर्णय केंद्रीय संसदीय बोर्ड लेगा।’’ शर्मा ने कहा कि उनसे पहले ही इस बारे में चर्चा हो चुकी है कि कोई भी चुनाव में टिकट के लिए भाजपा में शामिल नहीं होता है, लेकिन साथ ही ‘‘टिकट चाहने में कोई बाधा नहीं है और यह उनकी (जीत की) संभावनाओं के आधार पर दिया जाएगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वे बिना किसी शर्त के भाजपा में शामिल हुए हैं और यहां नए या पुराने सदस्यों जैसा कुछ नहीं है... पार्टी में हम सब एक समान हैं।’’ उन्होंने कहा कि तीनों विधायकों ने पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान खुले तौर पर भाजपा का समर्थन किया था। पुरकायस्थ करीमगंज (उत्तर) का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि शशिकांत और बसंत क्रमशः राहा और मंगलदोई (अनुसूचित जाति) निर्वाचन क्षेत्रों से वर्तमान विधायक हैं।
कांग्रेस को 22 फरवरी को बोरा के भाजपा में शामिल होने से झटका लगा था, जबकि दो अन्य विधायक अब्दुल राशिद मंडल और शेरमन अली अहमद पिछले महीने रायजोर दल में शामिल हो गए। विपक्षी कांग्रेस ने 42 सीट की अपनी पहली सूची घोषित कर दी है, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा एवं उसके सहयोगियों-असम गण परिषद (अगप), बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल)- द्वारा सीट बंटवारे की व्यवस्था को अभी अंतिम रूप देना बाकी है।
कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा को चुनौती देने के लिए ‘असोम सोंमिलितो मोर्चा’ नामक एकीकृत विपक्षी गठबंधन के एक हिस्से का नेतृत्व कर रही है और उसने असम जातीय परिषद (एजेपी) तथा वाम दलों के साथ सीट बंटवारे की व्यवस्था कर ली है, लेकिन रायजोर दल के साथ इसे अभी अंतिम रूप देना बाकी है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस के 26 सदस्य हैं। सर्व भारतीय संयुक्त गणतांत्रिक मोर्चा (एआईयूडीएफ) के 15, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का एक और एक निर्दलीय विधायक है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में भाजपा के 64 सदस्य हैं, जबकि उसके सहयोगी अगप के नौ सदस्य, यूपीपीएल के सात और बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के तीन विधायक हैं।