रातों-रात बदला रंग: बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ऑटो यूनियनों पर लहराया 'भगवा' परचम

Bengal Auto Unions turn Saffron overnight after BJP's win; Saffron flags dominate Kolkata roads.
रातोंरात ऑटो में लगे झंडो का भी बदला रंग
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने न केवल राज्य की सरकार बदली है, बल्कि सड़कों पर दौड़ने वाले ऑटो संगठनों का मिजाज भी पूरी तरह बदल दिया है। 15 साल बाद हुए इस ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन का असर शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले ऑटो रूटों पर साफ दिखने लगा है। मंगलवार सुबह कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में नजारा पूरी तरह बदला हुआ था; जहाँ कल तक तृणमूल कांग्रेस के झंडे दिखते थे, वहां अब ऑटो की छतों पर 'भगवा' झंडा लहरा रहा है।

यूनियनों में भगवा लहर

बेहाला, ठाकुरपुकुर, तारातला, रासबिहारी, कस्बा और रूबी जैसे महत्वपूर्ण रूटों पर सुबह से ही ऑटो चालकों को अपनी गाड़ियों पर भाजपा के झंडे बांधते देखा गया। यही स्थिति उलुबेरिया, बागबाजार और बैरकपुर में भी नजर आई। कई जगहों पर ऑटो चालक केसरिया गुलाल उड़ाकर और डीजे की धुन पर नाचते हुए जीत का जश्न मनाते दिखे।

क्यों हुआ यह बदलाव?

रातों-रात आईएनटीटीयूसी (INTTUC) छोड़कर भाजपा की यूनियन में शामिल होने वाले चालकों का दर्द भी छलक पड़ा। चालकों का आरोप है कि पिछले शासन में रूट परमिट के नाम पर हजारों रुपये वसूले गए और क्षमता से अधिक ऑटो उतार दिए गए, जिससे आमदनी कम हो गई थी। साथ ही, पुलिस जुर्माने और एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर भी चालकों में भारी असंतोष था।

डबल इंजन सरकार से उम्मीदें

बंगाल में अब 'डबल इंजन' की सरकार आने से ऑटो मालिकों और चालकों को उम्मीद है कि ईंधन की समस्या और रूट परमिट की धांधली खत्म होगी। चालकों का मानना है कि सत्ता पक्ष के एकतरफा दबदबे के कारण उन्हें लंबे समय तक नुकसान झेलना पड़ा, जिसका बदला उन्होंने इस बदलाव के जरिए लिया है।

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