

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को दावा किया कि एनसीपीआई का दामन थाम चुके 20 में से 17 सांसद अक्टूबर में दुर्गा पूजा से पहले या उसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होंगे। हालांकि साथी बागी सांसदों ने इस दावे को तत्काल खारिज कर दिया। भाजपा ने इस दावे से दूरी बनाने की कोशिश की। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी महज इस आधार पर किसी को अपने साथ शामिल नहीं करेगी कि वह भाजपा में शामिल होना चाहता है।उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरी जानकारी है, तृणमूल या एनसीपीआई से कोई भी भाजपा में शामिल नहीं हो रहा है। राज्य के लोग यह नहीं भूले हैं कि तृणमूल शासन के दौरान इन नेताओं और सांसदों ने किस तरह के अत्याचार किए थे।’’
बसुनिया ने संवाददाताओं से कहा कि इन 17 सांसदों ने एक साथ भाजपा में शामिल होने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है और दावा किया कि सामूहिक रूप से दल बदलने पर वे दलबदल रोधी कानून के दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम 17 सांसद एकसाथ भाजपा में जा रहे हैं। चूंकि 20 सदस्यों में से दो-तिहाई से अधिक सांसद दल बदल रहे हैं, इसलिए दलबदल रोधी कानून हम पर लागू नहीं होगा।’’
इस बीच, भाजपा ने इस दावे से दूरी बना ली। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी घटनाक्रम की जानकारी नहीं है और किसी व्यक्ति द्वारा भाजपा में शामिल होने की इच्छा जताने का यह मतलब नहीं है कि पार्टी उसे स्वत: अपने साथ ले लेगी।