निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात: उत्तर 24 परगना जिले का प्रमुख केंद्र बारासात इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। यह समस्या अब केवल राहगीरों की परेशानी नहीं, बल्कि 2026 विधानसभा चुनाव का एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। जिले का प्रशासनिक मुख्यालय, न्यायालय और प्रमुख अस्पताल यहीं स्थित होने के कारण यहाँ शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से भारी भीड़ उमड़ती है, जिसे संभालने में मौजूदा ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने पहुंचे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रत्याशी सभ्यसाची दत्ता ने स्वीकार किया कि बारासात का ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या है और इसके स्थायी समाधान की तत्काल आवश्यकता है। वहीं, भाजपा प्रत्याशी शंकर चट्टोपाध्याय ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि बिना किसी ठोस योजना के वाहनों, विशेषकर टोटो और ऑटो की अनियंत्रित वृद्धि ने सड़कों का दम घोंट दिया है। संकरी सड़कें और अवैध पार्किंग इस समस्या को और भयावह बना रहे हैं।
वर्तमान में, हर राजनीतिक दल 'जाम-मुक्त बारासात' का वादा कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों तक, हर कोई इस दैनिक नरक से मुक्ति चाहता है। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल चुनावी वादों से काम नहीं चलेगा; इसके लिए फ्लाईओवर, सड़कों के चौड़ीकरण और व्यवस्थित परिवहन प्रबंधन जैसे प्रभावी कदमों की जरूरत है। अब देखना यह है कि चुनाव के बाद इन वादों पर कितना अमल होता है।