निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात (उत्तर 24 परगना): पश्चिम बंगाल की बारासात अदालत ने एक घिनौने कृत्य पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोपी ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सोमवार को न्यायाधीश प्रज्ञापारमिता हुसैन ने आरोपी को अपनी ही बहू के साथ बार-बार दुष्कर्म करने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास के साथ 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही, अदालत ने पीड़िता को 6 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
मामला उत्तर 24 परगना के अशोकनगर का है। आरोपी का बेटा फेरीवाला है और काम के सिलसिले में रोज सुबह घर से बाहर रहता था। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर ससुर अपनी बहू के साथ दुष्कर्म करता था। जब दंपति ने इस बात की शिकायत स्थानीय लोगों से की, तो वहां एक विवादास्पद 'सालिशी सभा' (पंचायत) बुलाई गई। हैरानी की बात यह है कि उस सभा में पीड़िता को अपने ससुर के साथ ही पति-पत्नी की तरह रहने का फरमान सुना दिया गया।
समाज और पंचायत के दबाव के बावजूद दंपति पीछे नहीं हटा। 29 अप्रैल 2024 को पति ने काम पर जाने का नाटक किया और घर के पीछे से आकर बिस्तर के नीचे छिप गया। जैसे ही ससुर ने दोबारा दुष्कर्म की कोशिश की, उसे रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद उसने दंपति को जान से मारने की धमकी दी। अंततः तीन महीने पहले उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया और अब अदालत ने उसे कड़ी सजा दी है।
पीड़िता ने फैसले पर संतोष जताते हुए कहा, "हमें बहुत प्रताड़ित किया गया, लेकिन आज न्याय मिला।"