

नयी दिल्लीः सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की ऑनलाइन कोयला नीलामी में पड़ोसी देश बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के खरीदार अब भारतीय बिचौलियों को दरकिनार करते हुए सीधे शामिल हो सकते हैं। कंपनी के अनुसार, इस कदम से अतिरिक्त कोयला संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
अब तक सीमा पार के उपभोक्ताओं को कोल इंडिया से कोयला केवल घरेलू कोयला कारोबारियों के माध्यम से ही मिल पाता था, जिन्हें बिना किसी अंतिम उपयोग की शर्त के कोयला खरीदने और बेचने की अनुमति थी।
सीआईएल निदेशक मंडल ने दी थी मंजूरी
सीआईएल ने बयान में कहा कि एक जनवरी 2026 से पहली बार बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के कोयला उपभोक्ता भारत से कोयला खरीदने के लिए कोल इंडिया की 'सिंगल विंडो मोड एग्नॉस्टिक (एसडब्ल्यूएमए)' ऑनलाइन नीलामी में सीधे भाग ले सकेंगे।
एसडब्ल्यूएमए नीलामी 2022 में शुरू की गई एक सरल और एकीकृत ई-नीलामी प्रणाली है। इसे स्पॉट, स्पेशल स्पॉट और फॉरवर्ड जैसी अलग-अलग नीलामी व्यवस्थाओं की जगह एक ही मंच पर लाया गया है, ताकि सभी खरीदारों के लिए कोयला खरीदना आसान, पारदर्शी और बाजार आधारित हो सके। इस कदम को लागू करने के लिए सीआईएल के निदेशक मंडल ने हाल ही में मंजूरी दी है और एसडब्ल्यूएमए नीलामी योजना की प्रक्रिया में जरूरी बदलाव किए हैं।
पारदर्शिता को मिलेगी बढ़ावा
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विदेशी खरीदारों के लिए एसडब्ल्यूएमए ई-नीलामी खोलना, घरेलू कोयला जरूरतों को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए बाजार विस्तार के प्रति सीआईएल के संतुलित रुख को दर्शाता है। इस कदम से पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और वैश्विक बाजार से जुड़ाव बढ़ेगा। संशोधित व्यवस्था के तहत अब विदेशी खरीदार घरेलू खरीदारों के साथ एसडब्ल्यूएमए नीलामी में भाग ले सकेंगे।