विधानसभा में सिक्योरिटी गार्ड पर लगी रोक

सिर्फ सीएम ममता बनर्जी के सुरक्षा कर्मियों को आने की अनुमति होगी
विधानसभा में सिक्योरिटी गार्ड पर लगी रोक
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। विधानसभा के भीतर अब मंत्री-विधायकों के किसी भी सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है। स्पीकर विमान बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि सिर्फ सीएम ममता बनर्जी के सुरक्षा कर्मियों को आने की अनुमति होगी। सीएम के सुरक्षा गार्ड आर्म्स लेकर नहीं आते हैं। इसके अलावा विधायक या मंत्री किसी के भी सुरक्षा कर्मी विधानसभा के भीतर नहीं आ पायेंगे। गौरतलब है कि विपक्षी भाजपा विधायकों द्वारा दायर मामले के मद्देनजर हाईकोर्ट ने जानना चाहा कि सत्ताधारी और विपक्षी विधायकों के अंगरक्षकों के मामले में अलग-अलग रुख क्यों हैं। इसके बाद बिमान ने सोमवार को घोषणा की कि विधायक अब विधानसभा में सुरक्षाकर्मियों के साथ प्रवेश नहीं कर सकेंगे। वहीं शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सभी विधायकों का सामान अधिकार है। अगर ममता बनर्जी के सुरक्षा कर्मियों को छूट मिलेगी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाऐंगे। इस पर स्पीकर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोर्ट के दरवाजे खुले हुए हैं लेकिन हमलाेग काेर्ट से भी निवेदन करना चाहते हैं कि इस तरह के पीटिशन फाइल होंगे और हर मामले पर ऑर्डर देंगे क्योंकि मैं विधानसभा का प्रीसाइडिंग ऑफिसर हूं, मुझे ऑर्डर देने का अधिकार है। हां, हाईकोर्ट के ऑर्डर के खिलाफ कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है। हम आशा करते हैं विधानसभा के प्रीसाइडिंग ऑफिसर के फैसले को भी कोर्ट महत्व देगा।

विशेष सत्र के चर्चा में शामिल होंगी मुख्यमंत्री

 विधानसभा का विशेष सत्र गुरुवार तक चलेगा। इस सत्र में बांग्ला भाषी प्रवासियों पर हमलों की कथित घटनाओं को लेकर विशेष चर्चा होगी। विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासियों पर हमलों की कथित घटनाओं को लेकर सदन के एक विशेष सत्र के दौरान होने वाली चर्चा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाग लेने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ‘भाजपा शासित राज्यों में प्रवासी कामगारों पर हमलों’’ के विषय में मंगलवार और बृहस्पतिवार को दो-दो घंटे चर्चा होगी। स्पीकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘अन्य राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों पर हमलों की कथित घटनाओं की निंदा करने वाले सरकारी प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा होगी। यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि बेहद चिंताजनक भी है। ये महत्वपूर्ण चर्चाएं हैं और हमें उम्मीद है कि विपक्षी विधायक शांतिपूर्वक इसमें भाग लेंगे।’ पश्चिम बंगाल विधानसभा ने सोमवार से तीन दिवसीय विशेष सत्र आहूत किया है। 3 सितंबर को करम पूजा के कारण राजकीय अवकाश रहेगा, इसलिए विधानसभा में अवकाश रहेगा।

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