

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Strait of Hormuz में भारतीय मालवाहक जहाजों पर लगातार हमलों को लेकर New Delhi ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सख्त रुख अपनाया है। भारत ने United Nations में स्पष्ट कहा कि असैन्य जहाजों और निर्दोष नाविकों को निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष बैठक में भारत के स्थायी प्रतिनिधि Parvathaneni Harish ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की, हालांकि किसी विशेष देश का नाम नहीं लिया।
रविवार को अपने बयान में परवथनेनी हरीश ने एक बार फिर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि समुद्री हमले, नाविकों की जान को खतरे में डालना और नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा डालना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ-साथ ठोस और संरचनात्मक कदम उठाना जरूरी है।
हाल ही में ओमान तट के पास एक भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हमला हुआ था, जो सोमालिया से शारजाह जा रहा था। जहाज पर अचानक एक विस्फोटक वस्तु आकर गिरी, जिससे उसमें आग लग गई और वह समुद्र में डूब गया। हालांकि सभी नाविकों और कर्मचारियों को सुरक्षित बचा लिया गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, हमला ड्रोन या मिसाइल के जरिए किया गया हो सकता है।
इस घटना के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाकर यह संकेत दिया है कि समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।