

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बनगांव : सोशल मीडिया के जरिए अनजान लोगों पर भरोसा करना एक बार फिर एक नाबालिग के लिए मुसीबत का सबब बन गया। असम के बारखोपा जिले से लापता हुई एक 17 वर्षीय किशोरी को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के गायघाटा से बरामद किया गया है। पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षित बचाकर फिलहाल होम भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
असम के तामुलपुर थाना अंतर्गत अंगारकाटा बेनियापुर की रहने वाली यह नाबालिग पिछले साल अक्टूबर में अचानक गायब हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर असम पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। जब असम में कोई सुराग नहीं मिला, तो मामले की जानकारी पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (WBCPCR) को दी गई।
गायघाटा में मिली लोकेशन
जांच के दौरान गुप्त सूचना मिली कि लड़की गायघाटा के हांसपुर बाजार इलाके में है। गायघाटा थाने के अधिकारी शुभाशीष दत्त के नेतृत्व में पुलिस ने छापेमारी कर लड़की को बरामद किया। गुरुवार को उसे अदालत में पेश करने के बाद सीडब्ल्यूसी (CWC) के हवाले कर दिया गया।
घर छोड़ने की दर्दनाक वजह
प्रारंभिक पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसका पिता उस पर अक्सर शारीरिक और मानसिक अत्याचार करता था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने घर छोड़ने का फैसला किया। इसी दौरान फेसबुक पर एक युवक से उसकी दोस्ती हुई और उसके वादों पर भरोसा कर वह असम से भागकर बंगाल चली आई। असम पुलिस और परिजनों ने लड़की को सकुशल ढूंढ निकालने के लिए बंगाल पुलिस की सक्रियता की सराहना की है।