

गुवाहाटी : असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर नगांव जिले की दो महिलाओं का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है। गोगोई का दावा है कि दोनों महिलाओं को जून में उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना बांग्लादेश भेज दिया गया था और उसके बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। गोगोई ने शुक्रवार को लिखे पत्र में नगांव जिले के बागरिगुड़ी की जहांआरा बेगम और धींग गांव की मुमताज बेगम का उल्लेख किया है। उनके मुताबिक, दोनों महिलाओं को 13-14 जून की दरम्यानी रात सीमा पार भेजा गया था। उन्होंने विदेश मंत्री से बांग्लादेश के संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क कर दोनों महिलाओं का पता लगाने तथा उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं होने का दावा
गोगोई ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि दोनों महिलाओं को बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों के मामलों में न्यायिक कार्यवाही भी चल रही थी। मीडिया में शनिवार को उपलब्ध कराए गए पत्र के अनुसार, गोगोई ने इस पूरे मामले में विदेश मंत्रालय से सक्रिय हस्तक्षेप की मांग की है। मामले की पृष्ठभूमि में गुवाहाटी उच्च न्यायालय में दोनों महिलाओं से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। सितंबर में अदालत ने एक संबंधित मामले में विदेश मंत्रालय को पक्षकार बनाने और बांग्लादेश में महिला का पता लगाने तथा उसे भारत वापस लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही थी।
उच्च न्यायालय में भी पहुंचा मामला
गोगोई ने पत्र में कहा कि गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने मामले में विदेश मंत्रालय को पहले ही पक्षकार बनाया है। इसी आधार पर उन्होंने जयशंकर से व्यक्तिगत और तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है। मामले से जुड़े अदालती रिकॉर्ड में नगांव की जहांआरा बेगम और मुमताज बेगम के नाम से अलग-अलग याचिकाएं दर्ज हैं। गोगोई ने केंद्र से दोनों महिलाओं की वर्तमान स्थिति का पता लगाने, बांग्लादेश में उनकी लोकेशन की पुष्टि करने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए राजनयिक माध्यमों से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है, जब नगांव लोकसभा क्षेत्र में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।