

गुवाहाटी : असम में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जारी अभियान के तहत कछार जिले में पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की संदिग्ध याबा टैबलेट जब्त की हैं। इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने विशेष खुफिया सूचना के आधार पर जिले के बिद्यारत्नपुर इलाके में अभियान चलाकर 8,000 याबा टैबलेट बरामद कीं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए पुलिस की सराहना की और कहा कि राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘‘मुझे पकड़ सकते हो तो पकड़ो? कछार पुलिस ने पहले ही पकड़ लिया। विशेष सूचना के आधार पर बिद्यारत्नपुर में एक करोड़ रुपये मूल्य की संदिग्ध याबा की 8,000 टैबलेट जब्त की गईं और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।’’ सरमा ने आगे कहा कि असम पुलिस मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने इस अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे शानदार काम बताया।
पूर्वोत्तर में मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई
असम पूर्वोत्तर भारत में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है। राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस खुफिया सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती है और मादक पदार्थों की बरामदगी के लिए अभियान चलाती है। कछार जिले में हुई ताजा कार्रवाई भी इसी क्रम में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों की पहचान और मादक पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या है याबा टैबलेट?
याबा एक अत्यधिक नशे की लत लगाने वाला मादक पदार्थ है, जिसे थाई भाषा में ‘क्रेजी मेडिसिन’ के नाम से जाना जाता है। इसमें मुख्य रूप से मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है। मेथामफेटामाइन एक शक्तिशाली उत्तेजक पदार्थ है, जिसका सेवन स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसके सेवन से हृदय गति और रक्तचाप बढ़ने, नींद में परेशानी तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा रहता है। भारत में याबा टैबलेट में मौजूद मेथामफेटामाइन प्रतिबंधित मादक पदार्थों की श्रेणी में आता है। इसकी तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाती है। कछार जिले में 8,000 टैबलेट की बरामदगी के बाद अब मामले में आगे की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि जब्त मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इनकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी।