बंगाल में हिंसा की आशंका, 6 महीने तक केंद्रीय बल तैनात रहेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किया इनकार, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
बंगाल में हिंसा की आशंका, 6 महीने तक केंद्रीय बल तैनात रहेंगे
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पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद संभावित हिंसा को देखते हुए Election Commission of India ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने राज्य में अगले 6 महीनों तक केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का फैसला किया है।

इस बीच Supreme Court of India ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। अदालत में दायर याचिका में मांग की गई थी कि राज्य में वोट के बाद होने वाली हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस पर कोई निर्देश देने से मना करते हुए याचिकाकर्ता को Calcutta High Court जाने की सलाह दी।

बताया गया कि यह याचिका ‘सनातन संस्था’ की ओर से दाखिल की गई थी, जिसमें 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा का हवाला दिया गया। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि मतदान समाप्त होने के बाद आयोग की शक्तियां सीमित हो जाती हैं।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही चुनाव आयोग ने सुरक्षा को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी थी। आयोग के अनुसार राज्य में करीब 500 कंपनियां अर्धसैनिक बलों की तैनात की जाएंगी।

इनमें सबसे ज्यादा 40 कंपनियां Kolkata में तैनात होंगी, जबकि Barrackpore में करीब 28 कंपनियां रहेंगी। इसके अलावा बीरभूम और डायमंड हार्बर जैसे संवेदनशील इलाकों में भी 20 से ज्यादा कंपनियां तैनात की जाएंगी। वहीं Kalimpong में सबसे कम, सिर्फ 1 कंपनी बल मौजूद रहेगा।

चुनाव आयोग का मानना है कि परिणाम के बाद राज्य के कई संवेदनशील इलाकों में तनाव बढ़ सकता है, इसलिए पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

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