बांग्लादेश में एक और हिंदू की मौत

बांग्लादेश के नवगांव इलाके में चालीस साल के मिथुन सरकार नामक हिंदू व्यक्ति पर चोरी का इल्जाम लगाकर उसका पीछा किया गया।
बांग्लादेश में एक और हिंदू की मौत
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नई दिल्लीः बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का सिलसिला जो पिछले महीने शुरू हुआ था, वह थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब बुधवार को हिंदू प्रताड़ना का एक नया मामला सामने आया है जिसमें एक हिंदू व्यक्ति को चोर के संदेह में मारने के लिए पीछा किया गया। लेकिन उसने लोगों से बचने के लिए एक तालाब में छलांग लगा दी जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई।

यह घटना बांग्लादेश के नवगांव इलाके में हुई है। यहां चालीस साल के मिथुन सरकार नामक हिंदू व्यक्ति पर चोरी का इल्जाम लगाया गया। नवगांव के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद तरीकुल इस्लाम ने मीडिया से कहा कि भीड़ ने मिथुन को चोर समझते हुए उसका पीछा किया। लेकिन मिथुन अपनी जान बचाने के लिए एक तालाब में कूद गया। डूबने से उसकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी पाकर पुलिस पहुंची और दमकलकर्मियों की मदद से मिथुन की लाश को तालाब से बाहर निकाला गया। उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं।

18 दिनों में छह हिंदुओं की हत्या

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही बांग्लादेश के पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में सरेआम व्यवसायी मणि चक्रवर्ती की धारधार हथियार से हत्या कर दी गई थी। उसी दिन केशबपुर उपजिला में अरुआ गांव निवासी पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बांग्लादेश में पिछले 18 दिनों में छह हिंदुओं का कत्ल किया गया है। मिथुन सरकार का मामला सांतवां है। दिसंबर में जुलाई क्रांति के छात्र नेता उस्मान हादी की गोलीमार हत्या करने के बाद से हिंदुओं के साथ उत्पीड़न की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। हादी की हत्या के बाद सबसे पहले मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की भीड़ ने ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए पीट-पीट कर मार दिया था और फिर उसकी लाश को एक पेड़ में टांग कर जला दिया था। इस घटना के बाद से पूरे बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति लूटपाट, मारपीट और हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। जबकि कट्टरपंथियों के हाथ में जा चुकी यूनुस सरकार इन सब पर काबू करने के प्रति उदासीन बनी हुई है।

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