अक्षय पात्र के मिड-डे मील की मंजूरी रद्द

4 जिलों में मंजूरी रद्द और पुराना सिस्टम जारी
अक्षय पात्र के मिड-डे मील की मंजूरी रद्द
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विरोध और विवादों के बीच अक्षय पात्र को झटका

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने इस्कॉन से जुड़े 'अक्षय पात्र फाउंडेशन' को हावड़ा, पुरुलिया, उत्तर 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर के चुनिंदा स्कूलों में मिड-डे मील आपूर्ति की हालिया मंजूरी अचानक रद्द कर दी है। विकास भवन के सूत्रों के मुताबिक, संबंधित जिलों के अधिकारियों को इस आदेश की जानकारी भेज दी गई है और फिलहाल पहले से चला आ रहा पुराना सिस्टम ही जारी रहेगा। इस फैसले से कुछ दिन पहले ही 21 अगस्त को सरकार ने अक्षय पात्र को इन जिलों में जिम्मेदारी सौंपने का नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसे 11 सितंबर को एक नए निर्देश के जरिए वापस ले लिया गया।

500 स्कूलों में अन्नामृत के भोजन पर विवाद

कोलकाता के करीब 500 स्कूलों में 'अन्नामृत फाउंडेशन' द्वारा शाकाहारी भोजन परोसने की शुरुआत के साथ ही खाने में देरी और मेन्यू को लेकर विवाद शुरू हो गया था, जिसके बाद सरकार को अलग से अंडे देने की व्यवस्था करनी पड़ी। स्थिति तब और पेचीदा हो गई जब हाईकोर्ट में मामला पहुंचा और इस्कॉन ने स्पष्ट किया कि अन्नामृत फाउंडेशन और इस्कॉन कानूनी रूप से पूरी तरह अलग संस्थाएं हैं। इसके अलावा, बिना टेंडर के कॉन्ट्रैक्ट देने के खिलाफ शिक्षक संगठनों के कड़े विरोध और आंदोलन ने इस पूरी प्रक्रिया पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया। बंगीय टीचर्स एंड एजुकेशन वर्कर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी स्वपन मंडल ने इस फैसले को अपने आंदोलन की बड़ी जीत करार दिया है। शिक्षकों का मानना है कि मिड-डे मील के निर्धारित बजट में शाकाहारी भोजन के साथ अलग से अंडे का खर्च वहन करना एक बड़ी उलझन बन गया था। हालांकि शिक्षा विभाग ने जिलों को उच्च स्तर पर लिए गए इस फैसले से अवगत करा दिया है, लेकिन अचानक बदले इस घटनाक्रम ने राज्य में स्कूली भोजन व्यवस्था की पारदर्शिता और नीतियों पर गंभीर चर्चा छेड़ दी है।

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