शोक में डूबे बेटे शुभ्रांशु के साथ खड़े रहे अभिषेक

आवासस्थल से श्मशान तक शोक रैली में हुए शामिल, गमगीन हुआ कांचरापाड़ा
Abhishek stood by his grieving son Shubhranshu.
कांचरापाड़ा में शोक यात्रा में शामिल सांसद अभिषेक बनर्जी, सांसद पार्थ भौमिक, मुुकुल पुत्र शुभ्रांशु राय, तृणांकुर भट्टाचार्य, उत्तम दास सहित काफी संख्या में लोग
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कांचरापाड़ा: पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन से जहां राजनीतिक गलियारे में शोक है वहीं पूरा कांचरापाड़ा भी गमगीन हो उठा है। देखा गया कि इस कठिन समय में तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दिवंगत नेता के पुत्र शुभ्रांशु रॉय का हाथ थामकर एक सच्चे मित्र और सहकर्मी के रूप में हर क्षण उनके साथ खड़े रहें। सोमवार को मुकुल रॉय का पार्थिव शरीर न्यूटाउन के निजी अस्पताल से विधानसभा लाया गया। पिता को खोने के बाद शुभ्रांशु रॉय पूरी तरह टूट चुके थे। ऐसे में अभिषेक बनर्जी विधानसभा और फिर कांचरापाड़ा स्थित आवास तक उनके साथ साये की तरह रहे। अभिषेक ने न केवल पार्थिव शरीर को ले जाने की व्यवस्था संभाली, बल्कि वह पूरे रास्ते शुभ्रांशु को ढांढस बंधाते नजर आए।

हालीशहर महाश्मशान में हुआ अंतिम संस्कार

बीजपुरवासियों के लिए एक समय काम करने वाले दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार से पहले उनके कांचरापाड़ा घटकपुकुर आवास से हालीशहर महाश्मशान तक शोक रैली निकाली गयी जिसमें अभिषेक बनर्जी, सांसद पार्थ भौमिक, मंत्री रथीन घोष सहित भारी संख्या में नेताओं, विशिष्ठजनों के साथ ही भारी संख्या में कांचरापाड़ा के आम नागरिक शामिल हुए। अंचल के व्यवसायी वर्ग से लेकर हर क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धाजंलि दी। हालीशहर महाश्मशान में उनका अंतिम संस्कार हुआ। बेटे शुभ्रांशु राय ने कहा कि "मैंने पिता का सान्निध्य कम पाया लेकिन वे हमेशा मेरे मित्र जैसे रहे, जिन्होंने जीवन के हर कठिन समय और बड़े फैसलों में मेरा साथ दिया।" "राजनीति में व्यस्त रहने के बावजूद पिता ने हमेशा मेरा मार्गदर्शन किया और हर मुश्किल घड़ी में वे मजबूती से मेरे साथ खड़े रहे।" उन्हें खोकर जैसे सबकुछ खो दिया है।

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