

कोलकाता: राज्य में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के अंतिम चरण में नया विवाद खड़ा हो गया है। 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होनी है, लेकिन इस बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
अभिषेक ने अपने एक्स हैंडल पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और जिला निर्वाचन अधिकारियों के बीच कथित व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट साझा किए। उनका दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) को निष्क्रिय कर सहायक ईआरओ (AERO) के जरिए काम कराया जा रहा है।
गौरतलब है कि इस पूरी प्रक्रिया को लेकर तृणमूल द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। हालिया सुनवाई में अदालत ने स्पष्ट किया था कि नाम काटने या जोड़ने के मामले में ईआरओ का निर्णय ही अंतिम होगा। अभिषेक का आरोप है कि नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
उनके अनुसार, पहली गड़बड़ी यह है कि ईआरओ की जगह एईआरओ अंतिम सूची की समीक्षा कर रहे हैं। दूसरी, अनुपस्थित मतदाता यदि बाद में वैध दस्तावेज जमा करें तो उनका नाम सूची में रहना चाहिए, लेकिन प्रक्रिया संदिग्ध बन रही है। तीसरी, अपने क्षेत्र की मतदाता सूची की शुचिता सुनिश्चित करना ईआरओ की जिम्मेदारी है, जिसे दरकिनार किया जा रहा है।
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बंगाल इसके खिलाफ अंत तक लड़ाई लड़ेगा।