भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आएगा नया कानून

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान
शुभेंदु अधिकारी
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सरकारी नियुक्तियों को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को शियालदह में आयोजित रोजगार मेले से घोषणा की कि राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में नया कानून लाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती घोटालों की वजह से पश्चिम बंगाल की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर निकाय भर्ती अनियमितता तथा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 26 हजार शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों की नौकरियां रद्द होने से राज्य की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

उन्होंने कहा, “शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की भूमि पश्चिम बंगाल को भर्ती भ्रष्टाचार ने बदनाम कर दिया है। अब हमारी सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष नियुक्ति व्यवस्था लागू करेगी।” मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगे होने वाली लिखित परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को OMR शीट की कार्बन कॉपी देने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न रहे।

साथ ही, मौखिक परीक्षा (वाइवा) में अत्यधिक अंक देने की पुरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वाइवा के अंक कम किए जाएंगे और लिखित परीक्षा तथा अकादमिक मूल्यांकन को अधिक महत्व दिया जाएगा। शुभेंदु ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान भर्ती केंद्रों और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता भी प्रभावित हुई थी, जिसे पूरी तरह बदलना आवश्यक है।

राज्य सरकार अब सरकारी विभागों और सरकार पोषित संस्थाओं में नियुक्तियों के लिए नयी नीति तैयार कर रही है। रोजगार मेले के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की भर्ती प्रक्रिया की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि रेलवे भर्ती बोर्ड, अर्धसैनिक बलों और अन्य केंद्रीय संस्थाओं में जिस तरह पारदर्शी नियुक्तियां की जा रही हैं, उसी मॉडल पर पश्चिम बंगाल की “डबल इंजन सरकार” आगे बढ़ेगी।

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