

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बशीरहाट : समाज में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता के तमाम दावों के बीच उत्तर 24 परगना के बशीरहाट से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। आरोप है कि यहां एक मासूम बच्चे को सिर्फ इसलिए आंगनवाड़ी केंद्र से निकाल दिया गया क्योंकि उसके पिता HIV संक्रमित हैं। शिक्षिका के इस क्रूर व्यवहार के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए महकमा शासक SDO का दरवाजा खटखटाया है।
"पिता को खराब बीमारी है, इसलिए स्कूल मत आओ"
मिली जानकारी के अनुसार मथुरापुर निवासी पीड़ित व्यक्ति पिछले कुछ समय से एचआईवी से जूझ रहे हैं और वर्तमान में गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती हैं। आरोप है कि जैसे ही यह खबर इलाके में फैली, स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र की शिक्षिका ने बच्चे के बारे में कई बातें कहना शुरू कर दिया। मासूम बच्चा जब अन्य दिनों की तरह अपनी किताबें और टिफिन लेकर स्कूल पहुंचा, तो उसे अंदर घुसने से रोक दिया गया।
शिक्षिका की सफाई: "मेरे खिलाफ साजिश"
बच्चे की मां का कहना है कि शिक्षिका ने साफ कह दिया कि "तुम्हारे पिता को खराब बीमारी हुई है, इसलिए बेटे को वहां में नहीं रखा जा सकता।" हालांकि, स्कूल प्रशासन बच्चे का मिड-डे मील का खाना घर भिजवा रहा है, लेकिन उसे क्लास में बैठने की अनुमति नहीं है। अपमानित होकर मां अपने रोते हुए बच्चे को लेकर घर लौट आई और ईमेल के जरिए महकमा शासक से शिकायत की। दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आयी शिक्षिका ने सभी दावों को खारिज किया है। उसका कहना है कि उन्होंने बच्चे को स्कूल से नहीं निकाला है और उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।