

गश्ती दल ने मछुआरों को नॉर्थ सेंटिनल के 100-200 मीटर दूर पकड़ा
मछुआरों की पहचान महेश मुंडारी और रवि राम नस्कर के रूप में
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : संरक्षित आदिवासी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नॉर्थ सेंटिनल द्वीप के पास प्रतिबंधित जलक्षेत्र में मछली पकड़ते हुए दो मछुआरों को पिछले शनिवार तड़के सुबह गश्ती के दौरान पकड़ा गया। प्रधान सिपाही आर.ए. स्विनली (43), जो भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबीएन) में तैनात हैं और डीआईजीपी (कानून एवं व्यवस्था) के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं, द्वारा दिए गए बयान के अनुसार यह घटना 1 मार्च को सुबह लगभग 5:45 बजे की है। पुलिस दल डीआईजीपी (कानून एवं व्यवस्था) तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नॉर्थ सेंटिनल द्वीप के चारों ओर निगरानी ड्यूटी पर था। वे एक निजी मछली पकड़ने वाली नाव पर सवार होकर क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उन्होंने द्वीप से लगभग 100 से 200 मीटर की दूरी पर समुद्र में एक छोटी मछली पकड़ने वाली डिंगी को लंगर डाले हुए देखा। उस डिंगी के पास दो व्यक्ति द्वीप के नजदीक मछली पकड़ते हुए दिखाई दिए।
पूछताछ करने पर दोनों व्यक्तियों ने अपनी पहचान महेश मुंडारी और रवि राम नस्कर के रूप में बताई, जो वंडूर के निवासी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिस डिंगी का वे उपयोग कर रहे थे वह भी वंडूर के एक निवासी की है। पुलिस दल ने मछुआरों को बताया कि नॉर्थ सेंटिनल द्वीप के आसपास का क्षेत्र अधिसूचित आदिवासी आरक्षित क्षेत्र है और वहां मछली पकड़ना या प्रवेश करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बाद उन्हें तत्काल क्षेत्र छोड़ने के लिए कहा गया।
हालांकि बताया जाता है कि मछुआरों ने जवाब दिया कि वे चाय पीने के बाद वहां से चले जाएंगे। अधिकारियों ने कहा है कि चूंकि दोनों मछुआरे प्रतिबंधित आदिवासी आरक्षित क्षेत्र में प्रवेश कर द्वीप के निकट मछली पकड़ रहे थे, इसलिए यह कानून का उल्लंघन माना जाता है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में दोनों को बाद में गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।