

अगरतला : त्रिपुरा सरकार ने 2023 में उनाकोटी जिले के कुमारघाट में हुए दर्दनाक हादसे के बाद राज्यभर में आयोजित होने वाली रथयात्राओं के लिए नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने आयोजकों को निर्देश दिया है कि भगवान जगन्नाथ के लिए लकड़ी के ऐसे रथ तैयार किए जाएं जिनकी ऊंचाई पांच मीटर से अधिक न हो । प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोकना है।
मेलाघर की रथयात्रा को मिली विशेष छूट
अधिकारियों के अनुसार, सिपाहीजाला जिले के मेलाघर में निकलने वाली पारंपरिक रथयात्रा को इस नियम से विशेष छूट दी गई है। जोखिम का आकलन करने के बाद प्रशासन ने लगभग सात मीटर ऊंचे रथ की अनुमति दी है। यह शोभायात्रा खुले मैदान में निकाली जाएगी और रथ ऐसी सामग्री से तैयार किया जाएगा, जिसमें बिजली के संपर्क में आने पर करंट प्रवाहित नहीं होगा।
कुमारघाट हादसे से लिया गया सबक
28 जून, 2023 को कुमारघाट में रथयात्रा के दौरान रथ ऊपर से गुजर रहे हाई-वोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आ गया था। इस हादसे में रथ में आग लग गई थी, जिससे सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसी घटना के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा की।
पुलिस, दमकल और एम्बुलेंस रहेंगी तैनात
पश्चिम त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट विशाल कुमार ने बताया कि रथयात्रा की तैयारियों को लेकर धार्मिक संगठनों के साथ बैठक की गई है। श्रद्धालुओं को रथ पर चढ़ने से रोकने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती होगी। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल, अग्निशमन विभाग की टीमें और एम्बुलेंस भी पर्याप्त संख्या में तैनात रहेंगी, ताकि रथयात्रा सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।