

नई दिल्ली: इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी को फिलहाल राहत दी है। शीर्ष अदालत ने मेघालय हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि सोनम पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को निर्धारित की गई है। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए मेघालय हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर कुछ गंभीर कानूनी प्रश्न सामने आते हैं। अदालत ने संकेत दिया कि इन पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जाएगा, लेकिन फिलहाल जमानत पर रोक लगाने का कोई आदेश नहीं दिया गया।
मेघालय सरकार ने जताई फरार होने की आशंका
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि सोनम रघुवंशी पर गंभीर आरोप हैं और उनकी जमानत की अर्जी पहले भी खारिज की जा चुकी है। उन्होंने दलील दी कि यह मामला केवल गिरफ्तारी के दौरान हुई किसी तकनीकी या लिपिकीय त्रुटि तक सीमित नहीं है। सरकार का कहना है कि यदि सोनम जमानत पर बाहर रहती हैं, तो उनके फरार होने की आशंका बनी रहेगी। वहीं, सोनम रघुवंशी की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। उनका कहना था कि सोनम को न तो तत्काल कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई और न ही गिरफ्तारी के स्पष्ट कारण बताए गए। बचाव पक्ष के अनुसार, पुलिस ने उन्हें केवल एक खाली प्रोफॉर्मा थमा दिया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बचाव पक्ष से सवाल किया कि यदि यह मुद्दा इतना महत्वपूर्ण था, तो इसे पहले अदालत के समक्ष क्यों नहीं उठाया गया। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि यदि जमानत केवल तकनीकी आधार पर मिली है, तो क्या कानून पुलिस को आवश्यक प्रक्रिया अपनाकर दोबारा गिरफ्तारी करने से रोकता है? इस पहलू पर भी आगे सुनवाई के दौरान विस्तार से विचार किया जाएगा।
मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का किया रुख
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मेघालय हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी, जिसमें आरोपी सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को बरकरार रखा गया था। सोनम पर आरोप है कि उसने मई 2025 में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची और इस मामले में वह मुख्य आरोपी है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका नहीं मानी
मेघालय हाईकोर्ट ने 29 जून को शिलांग की निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। इसके साथ ही अदालत ने जमानत के खिलाफ दायर मेघालय सरकार की अपील को भी खारिज कर दिया। मेघालय हाईकोर्ट की जस्टिस डब्ल्यू. डिएंगडोह की एकल पीठ ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अप्रैल 2026 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (न्यायिक), शिलांग द्वारा सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में गंभीर कानूनी खामियां पाए जाने के आधार पर सोनम को राहत दी थी। हाईकोर्ट ने 10 जून को दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जमानत आदेश में शिलांग की अदालत ने यह भी कहा था कि जांच एजेंसी आरोपी को उसकी गिरफ्तारी के स्पष्ट और पर्याप्त आधार बताने में विफल रही, जिससे उसके कानूनी बचाव के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसी वजह से अदालत ने सोनम रघुवंशी को जमानत देने का फैसला सुनाया।